समाचार · उत्तर प्रदेश
अखिलेश यादव बोले- डॉ. आकाश अग्रवाल और अग्रवाल समाज के साथ खड़ी है सपा, सम्मान बहाल करने का किया वादा

UP MLC Election 2026: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विधान परिषद सदस्य डॉ. आकाश अग्रवाल के भावुक होने पर प्रतिक्रिया दी है. 24 अक्टूबर 2026 को जारी बयान में उन्होंने कहा कि डॉ. आकाश अग्रवाल के आंसुओं को देखकर उत्तर प्रदेश सहित देश-दुनिया का अग्रवाल समाज बेहद आहत है. अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव में सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल को हराने के लिए कथित तौर पर चुनावी धांधली की गई.
भाजपा और अधिकारियों पर लगाए आरोप
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव में डॉ. आकाश अग्रवाल को हराने के लिए भाजपा नेताओं, उनके सहयोगियों और अधिकारियों ने मिलकर चुनावी गड़बड़ियों की सारी हदें पार कर दीं. उन्होंने कहा कि इस कथित घटनाक्रम से डॉ. आकाश अग्रवाल प्रताड़ित, दुखी और अपमानित महसूस कर रहे हैं. उनके फैसले की घोषणा से अग्रवाल समाज भी व्यथित है. हालांकि, ये सभी आरोप समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बयान पर आधारित हैं.
सम्मान और उचित स्थान देने का वादा
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने डॉ. आकाश अग्रवाल और अग्रवाल समाज को भरोसा दिलाया कि उनकी पार्टी उनके साथ खड़ी है. उन्होंने कहा कि उचित समय आने पर डॉ. आकाश अग्रवाल को यथोचित सम्मान और स्थान दिया जाएगा. अखिलेश यादव के मुताबिक, इसके जरिए अग्रवाल समाज के मान-सम्मान की पुनर्स्थापना की जाएगी. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी किसी की सगी नहीं है. उन्होंने दावा किया कि भाजपा की भ्रष्ट सत्ता अब अधिक समय तक नहीं चल पाएगी.
भाजपा पर राजनीतिक हमला तेज
अखिलेश यादव ने अपने बयान में भाजपा नेताओं को चुनाव का लुटेरा बताते हुए उन पर विश्वासघात करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जनता अब भाजपा की सत्ता की जड़ों को कमजोर कर देगी. सपा अध्यक्ष ने दोहराया कि उनकी पार्टी डॉ. आकाश अग्रवाल और पूरे अग्रवाल समाज के साथ है. समाजवादी पार्टी की ओर से जारी इस बयान को एमएलसी चुनाव से जुड़े विवाद के बीच भाजपा पर राजनीतिक हमला माना जा रहा है. बयान राजेंद्र चौधरी, मुख्य प्रवक्ता, समाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश के नाम से जारी किया गया.
Must Read- ग्राम सभा की जमीनों के एक्सचेंज पर इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त, यूपी सरकार से तीन सप्ताह में मांगा जवाब