समाचार · मध्य प्रदेश
ग्वालियर के व्यापारी से ₹10.78 लाख की ठगी:बेटी की पढ़ाई-शादी के लिए जमा किए थे; 100 मिनट में 25 ट्रांजेक्शन हुए
ग्वालियर के विनय नगर निवासी एक व्यापारी का साइबर जालसाजों ने मोबाइल हैक कर लिया। उनके बैंक खाते से 10 लाख 78 हजार 908 रुपए साफ कर दिए। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी रकम कट जाने के बाद भी पीड़ित के मोबाइल पर न तो कोई OTP (वन टाइम पासवर्ड) आया और न ही अकाउंट से रुपए डेबिट होने का कोई मैसेज। पीड़ित ने यह पाई-पाई जोड़कर अपनी बेटी की पढ़ाई और शादी के लिए बैंक में जमा की थी। घटना का पता चलते ही पीड़ित के होश उड़ गए। मामले में पीड़ित की शिकायत पर पुलिस और साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है। सुबह 9 से 10:40 के बीच खाली हो गया अकाउंट विनय नगर स्थित कोटेश्वर तिराहे पर चामुंडा माता मंदिर के सामने रहने वाले अनूप कुमार अग्रवाल ने बताया कि उनका पिता के साथ सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में जॉइंट अकाउंट है। 24 अक्टूबर की सुबह करीब 9 बजे के लगभग उनका मोबाइल हैंग हो गया और अपने आप ऑटो अपडेट मोड पर चला गया। करीब 10:40 बजे बजे वह वापस री-स्टार्ट हुआ। करीब 100 मिनट के भीतर अज्ञात जालसाजों ने उनके खाते में सेंध लगा दी। आरोपियों ने एक के बाद एक कई ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किए और पूरे 10,78,908 रुपए उड़ा लिए। 100 मिनट में 25 ट्रांजेक्शन किए गए। यानी हर चार मिनट में एक ट्रांजेक्शन हुआ है। 'बेटी के भविष्य के लिए रखे थे पैसे, एक झटके में सब खत्म' पीड़ित अनूप अग्रवाल ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि यह रकम उन्होंने अपनी बेटी की उच्च शिक्षा और उसकी शादी के खर्चों को पूरा करने के लिए बड़ी मेहनत से बैंक में जुटाई थी। लेकिन बिना किसी कॉल, एपीके (APK) फाइल लिंक या ओटीपी के ही उनका पूरा बैंक बेलेंस गायब हो गया। पीड़ित ने आशंका जताई है कि उनका मोबाइल किसी एडवांस स्पाइवेयर या डिवाइस क्लोनिंग के जरिए हैक किया गया है। साइबर एक्सपर्ट्स और पुलिस की सलाह मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्राथमिक तौर पर मामला डिवाइस हैकिंग या स्क्रीन शेयरिंग/मालवेयर ऐप का लग रहा है। साइबर सेल ट्रांजेक्शन डिटेल्स और आईपी एड्रेस को ट्रेस कर रही है। आम नागरिक ध्यान रखें कि मोबाइल में अनजान लिंक से कोई ऐप इंस्टॉल न करें और बैंक अकाउंट में अचानक बदलाव दिखते ही तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।