समाचार · मध्य प्रदेश
हरदा नगर पालिका ने छुट्टी के दिन सरकारी रिकॉर्ड जलाए:कांग्रेस ने कहा- भ्रष्टाचार छिपाने कागज जलाए, कचरा गाड़ियों और फिनाइल खरीदी की जांच हो
हरदा नगर पालिका परिसर में शनिवार को सरकारी छुट्टी के दिन कर्मचारियों ने बड़ी मात्रा में दस्तावेज जलाए। इस घटना को लेकर कांग्रेस ने नगर पालिका प्रशासन पर आरोप लगाते हुए सरकारी रिकॉर्ड और भ्रष्टाचार के सबूत नष्ट करने का दावा किया है। वहीं नगर पालिका अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे दीमक से खराब हुए पुराने गैर-जरूरी कागजों की सफाई प्रक्रिया करार दिया है। नगर पालिका सीएमओ रोशनसिंह बाथम ने बताया कि परिसर में पुराने दस्तावेजों की छंटाई और सफाई का काम चल रहा था। दीमक लगने के कारण बंद हो चुकी पुरानी योजनाओं के कुछ अनुपयोगी कागजात खराब हो चुके थे, जिन्हें नष्ट किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 1960 से उपलब्ध महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड पूरी तरह सुरक्षित है और उसे दीमक से बचाने के लिए नए कक्ष में व्यवस्थित तरीके से शिफ्ट किया जा रहा है। भ्रष्टाचार की जांच से बचने रिकॉर्ड जलाने का कांग्रेस का आरोप दूसरी ओर, कांग्रेस प्रवक्ता आदित्य गार्गव ने नगर पालिका प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने कचरा गाड़ियों और फिनाइल खरीदी आदि में हुए भ्रष्टाचार की जांच कराने के निर्देश दिए थे। इसी जांच और घपलेबाजी को छिपाने की नीयत से कलेक्टर की अनुमति के बिना आनन-फानन में छुट्टी के दिन रिकॉर्ड जलाए गए हैं। गार्गव ने कलेक्टर से मामले पर तत्काल संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने और दोषी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।