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सड़क निर्माण में कहीं नाली ऊंची तो कहीं पाइपलाइन टूटी:साजा में 30 करोड़ की सड़क पर ग्रामीणों ने जलभराव, पेयजल संकट की जताई आशंका
बेमेतरा जिले के साजा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग द्वारा देवकर से थानखमरिया तक करीब 30 करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत तेंदुआठा में निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने नाली के लेवल, जल निकासी और पेयजल व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बस्ती के स्तर से ऊंचाई पर नाली बनाई जा रही है, जिससे घरों का पानी नाली तक नहीं पहुंच पाएगा। वहीं, खुदाई के दौरान नल-जल योजना की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से पेयजल संकट की स्थिति बन रही है। स्कूल के सामने नाली निर्माण के लिए की गई खुदाई भी कई दिनों से खुली होने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में सुधार की मांग की है। इधर, पीडब्ल्यूडी के एसडीओ सागर साहू ने कहा कि समस्याओं को संज्ञान में लेकर सुधार कार्य कराया जा रहा है। एक तरफ नाली, दूसरी तरफ सीसी रोड,जलभराव की आशंका ग्रामीणों के अनुसार, बस्ती में जल निकासी के लिए दोनों तरफ नाली की जरूरत है, लेकिन फिलहाल एक तरफ नाली का निर्माण किया जा रहा है, जबकि दूसरी तरफ सीसी रोड बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरफ नाली नहीं है, वहां पानी जमा हो रहा है। ऐसे में सड़क बनने के बाद बारिश के दिनों में घरों में पानी भरने की आशंका है। ग्रामीणों ने बताया कि सीसी रोड बनने के बाद सड़क का स्तर करीब आठ इंच ऊंचा होने की बात कही जा रही है। उनका कहना है कि सड़क और नाली का लेवल सही नहीं रखा गया तो जल निकासी की समस्या और गंभीर हो सकती है। ग्रामीण चाहते हैं कि निर्माण कार्य बस्ती के वास्तविक स्तर और तकनीकी मापदंडों के अनुसार कराया जाए। पाइपलाइन क्षतिग्रस्त, पेयजल के लिए परेशानी नाली निर्माण के दौरान नल-जल योजना की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने का मुद्दा भी ग्रामीणों ने उठाया है। उनका कहना है कि खुदाई के दौरान कई जगह घरों तक पानी पहुंचाने वाली पाइपलाइन टूट गई है। इससे लोगों को पेयजल के लिए परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत कर जलापूर्ति सुचारू करने की मांग की है। स्कूल के सामने खुली खुदाई से हादसे का खतरा ग्रामीणों ने स्कूल के सामने नाली निर्माण के लिए की गई खुदाई को बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर बताया है। उनका कहना है कि गड्ढे को कई दिनों से खुला छोड़ दिया गया है। इससे स्कूल आने-जाने वाले बच्चों के साथ दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने गड्ढे को जल्द सुरक्षित करने की मांग की है। ग्रामीण बोले- विकास का विरोध नहीं, लेकिन काम सही हो ग्रामवासी राजेश शर्मा ने कहा कि सड़क और नाली का निर्माण लोगों की सुविधा के लिए किया जा रहा है, लेकिन यदि बस्ती का पानी नाली में नहीं जाएगा तो निर्माण का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि एक तरफ नाली नहीं बनने और पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीण दामिन साहू ने कहा कि एक तरफ नाली बनाने से दूसरी तरफ पानी जमा हो रहा है। इससे घरों में पानी भरने की आशंका है। उन्होंने दोनों तरफ जरूरत के अनुसार नाली बनाने और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को जल्द ठीक कराने की मांग की। ग्रामीण रुखमनी राजपूत ने कहा कि संबंधित अधिकारी मौके का निरीक्षण करें और जल निकासी की समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। ग्रामीणों की मांग है कि निर्माण कार्य बस्ती के वास्तविक लेवल और तकनीकी मापदंडों के अनुसार कराया जाए, ताकि भविष्य में जलभराव की समस्या न हो। एसडीओ बोले- समस्याओं में सुधार कराया जा रहा पीडब्ल्यूडी के एसडीओ सागर साहू ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को संज्ञान में लेकर सुधार कार्य कराया जा रहा है। क्षतिग्रस्त पाइपलाइन के कारण पेयजल व्यवस्था में आ रही परेशानी को देखते हुए उसे जल्द दुरुस्त कर जलापूर्ति सुचारू करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां नाली निर्माण की आवश्यकता है और पर्याप्त जगह उपलब्ध है, वहां नाली बनाई जाएगी। स्कूल के सामने खुले गड्ढे को भी बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द भरवाया जाएगा या उस पर कैप लगाया जाएगा।