Wednesday, 26 August 2026
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उकलाना के राजकीय महाविद्यालय में संवेदना कार्यशाला:मानसिक स्वास्थ्य सहायता की दी ट्रेनिंग; विद्यार्थियों को विशेषज्ञ तक पहुंचाने पर जोर

INT News25 August 2026 at 07:20 pm

हिसार जिले के राजकीय महाविद्यालय उकलाना के मनोविज्ञान विभाग की ओर से विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘संवेदना’ (SAMVEDNA – A Sensitisation Program on Students’ Mental Health) कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मानसिक स्वास्थ्य, तनाव की पहचान, विद्यार्थियों के व्यवहार में होने वाले बदलाव तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उचित सहायता एवं मार्गदर्शन उपलब्ध करवाने के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी गई। टीचरों की भूमिका पर प्रकाश डाला कार्यशाला में मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. इंदु ने विस्तृत प्रस्तुति के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मिथकों एवं भ्रांतियों, विद्यार्थियों में तनाव के शुरुआती संकेतों और ऐसे मामलों में टीचरों की भूमिका पर प्रकाश डाला। कई विद्यार्थी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद सहायता लेने में संकोच करते हैं। ऐसे में संवेदनशील और भरोसेमंद शिक्षक उनके लिए सहायता की दिशा में पहला महत्वपूर्ण माध्यम बन सकते हैं। स्टाफ सदस्यों को विद्यार्थियों में बार-बार रोना, अत्यधिक चिंता या भय, मूड में बदलाव, अलग-थलग रहना, आक्रामकता, जोखिमपूर्ण व्यवहार तथा व्यक्तित्व में अचानक परिवर्तन जैसे शुरुआती संकेतों को पहचानने के बारे में भी जानकारी दी गई। फॉलो-अप के बारे में विस्तार से समझाया कार्यशाला में ‘Faculty Intervention Framework’ के तहत विद्यार्थियों की सहायता के आठ चरणों—स्थिति को देखना, निजी एवं सुरक्षित स्थान उपलब्ध करवाना, बातचीत शुरू करना, प्राथमिक मनोवैज्ञानिक सहायता देना, स्थिति की गंभीरता का आकलन करना, उचित स्थान पर रेफर करना, आवश्यक दस्तावेजीकरण तथा फॉलो-अप के बारे में विस्तार से समझाया गया। डॉ. इंदु ने कहा कि शिक्षक की भूमिका विद्यार्थी की समस्या का स्वयं निदान या उपचार करना नहीं, बल्कि उसकी बात संवेदनशीलता से सुनना, उसे उचित सहायता उपलब्ध करवाना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ के पास रेफर करना है। उन्होंने सक्रिय श्रवण (Active Listening) और संवेदनशील संवाद को मानसिक स्वास्थ्य सहायता का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। मानसिक स्वासथ्य से जुडे़ मुद्दों पर जोर कार्यशाला में विद्यार्थियों की सहायता के लिए उपलब्ध विभिन्न मानसिक स्वास्थ्य सहायता सेवाओं की जानकारी भी साझा की गई। साथ ही, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में विद्यार्थियों की गोपनीयता बनाए रखने तथा सुरक्षा संबंधी गंभीर स्थिति होने पर संस्थागत प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक कदम उठाने पर भी जोर दिया गया। डॉ. इंदु ने कहा कि ‘संवेदना’ कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और स्टाफ में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समझ, संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को मजबूत करना है, ताकि कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे किसी विद्यार्थी को अकेला महसूस न करना पड़े। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनने, उचित मार्गदर्शन देने और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ सहायता तक पहुंच बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।