Wednesday, 26 August 2026
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पूर्णिया और किशनगंज में यूरिया संकट पर बड़ा एक्शन, जानें क्यों तय रेट से दोगुने दाम पर बिक रही है खाद

INT News25 August 2026 at 09:23 pm

Bihar Fertilizer News: पूर्णिया, अमौर. अमौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सह बिहार विधानसभा की अल्पसंख्यक कल्याण समिति के सभापति अख्तरुल ईमान ने मंगलवार को कृषि भवन, पटना स्थित कार्यालय में कृषि विभाग के निदेशक मुकेश कुमार लाल से शिष्टाचार मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने खुदरा उर्वरक विक्रेताओं की समस्याओं और किसानों को महंगे दाम पर खाद मिलने के कारणों को लेकर विस्तार से चर्चा की. विधायक ने जिला खुदरा उर्वरक विक्रेता संघ, किशनगंज के 157 और पूर्णिया जिले के बैसा प्रखंड के 33 खुदरा उर्वरक विक्रेताओं के सामूहिक आवेदन भी कृषि निदेशक को सौंपे.

सरकारी दर 266.60 रुपये, खुदरा विक्रेताओं को 300 से 320 रुपये में मिलने का आरोप

विधायक ने बताया कि यूरिया की सरकारी निर्धारित दर 266.60 रुपये प्रति बैग है. इसके बावजूद खुदरा विक्रेताओं को थोक विक्रेताओं से यूरिया 300 से 320 रुपये प्रति बैग में उपलब्ध कराया जाता है. आरोप है कि इसमें खुदरा विक्रेता की दुकान तक पहुंचाने का परिवहन खर्च शामिल नहीं रहता है.

50 से 70 किलोमीटर दूरी से बढ़ रहा परिवहन खर्च

विधायक के अनुसार थोक विक्रेताओं के गोदाम से खुदरा विक्रेताओं की दुकानों की दूरी कई स्थानों पर करीब 50 से 70 किलोमीटर तक है. इसके कारण खुदरा विक्रेताओं को प्रति बैग करीब 30 से 40 रुपये परिवहन खर्च और 4 रुपये अनलोडिंग का अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ता है. इन खर्चों के कारण किसानों को यूरिया 400 से 450 रुपये प्रति बैग तक खरीदना पड़ रहा है. विधायक ने कहा कि यही स्थिति डीएपी और अन्य रासायनिक उर्वरकों को लेकर भी बनी हुई है.

प्रखंड स्तर पर उर्वरक उठाव की पारदर्शी व्यवस्था का भरोसा

अख्तरुल ईमान ने कृषि निदेशक से मांग की कि खुदरा विक्रेताओं तक उर्वरक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था की जाए, ताकि परिवहन खर्च कम हो और किसानों को सरकारी दर पर खाद उपलब्ध हो सके. उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है.

कृषि निदेशक ने जल्द कार्रवाई का दिया आश्वासन

Bihar Fertilizer News: कृषि विभाग के निदेशक मुकेश कुमार लाल ने विधायक द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुना. उन्होंने आश्वस्त किया कि खुदरा विक्रेताओं की सुविधा के लिए विभाग की ओर से जल्द ही प्रखंड स्तर पर उर्वरक उठाव की पारदर्शी व्यवस्था शुरू की जाएगी. इससे परिवहन पर होने वाला अतिरिक्त खर्च कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है.