Wednesday, 26 August 2026
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बजट नहीं है तो नंदा-गौरा योजना ही बंद कर दो, चीफ जस्टिस की सरकार को कड़ी फटकार

INT News25 August 2026 at 07:12 am

हाईकोर्ट ने 12वीं पास मेधावी बालिकाओं को सरकार की नंदा-गौरा योजना का वित्तीय लाभ नहीं देने के मामले में उत्तराखंड सरकार से कड़े सवाल किए। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ शाह की खंडपीठ ने पूछा कि पात्र बालिकाओं को अब तक योजना का लाभ क्यों नहीं दिया गया?कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि सरकार के पास योजना संचालित करने को बजट नहीं है तो ऐसी योजनाओं को बंद कर देना चाहिए। मामले में अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।योजना का लाभ बिना देरी सभी को मिलेसोमवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि मामला वर्तमान में वित्त विभाग के पास विचाराधीन है और जल्द आवश्यक बजट जारी किया जाएगा। इस पर याची की ओर से इसका विरोध करते हुए कहा गया कि बजट जारी होने में देरी से गरीब परिवारों की बालिकाओं की उच्च शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ सभी पात्र छात्राओं को बिना देरी के दिया जाना चाहिए।बालिकाओं को पढ़ाई के लिए दी जानी है प्रोत्साहन राशियह मामला चमोली निवासी सामाजिक कार्यकर्ता ममता नेगी की जनहित याचिका से जुड़ा है। याचिका में कहा कि चमोली जिले में वर्ष 2022-23 में इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली 439 बालिकाओं ने वर्ष 2023 में ही विद्यालयों के माध्यम से योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए थे। योजना के तहत प्रत्येक बालिका को आगे की पढ़ाई के लिए 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जानी थी। संबंधित विभाग ने इन बालिकाओं को लाभ देने के लिए सरकार से 2.45 करोड़ रुपये के बजट की मांग की थी, लेकिन लंबे समय बाद भी बजट स्वीकृत नहीं हुआ। पात्र छात्राएं योजना के लाभ से वंचित हैं। कोर्ट ने सरकार और महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग को मामले की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।धारचूला में बैंक मैनेजर की हत्या के दोषी को उम्रकैदपिथौरागढ़। मई, 23 को एसबीआई, धारचूला में अग्निकांड और बैंक मैनेजर की हत्या में सोमवार को अदालत ने आरोपी गार्ड को दोषी ठहराया। न्यायालय सत्र न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी ने गार्ड को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माना भरने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।पुलिस के मुताबिक 6 मई, 23 की सुबह लगभग 10:15 बजे एसबीआई शाखा के तत्कालीन मैनेजर मुंगेर, बिहार निवासी मोहम्मद ओवेश अपने कक्ष में कार्य कर रहे थे। उपस्थिति और ड्यूटी की रंजिश में भगवानपुर, सहसपुर देहरादून निवासी सुरक्षा गार्ड दीपक क्षेत्री ने मैनेजर पर पेट्रोल छिड़क आग लगा दी। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर किया। 16 मई, 23 को नई दिल्ली में इलाज के दौरान मैनेजर की मृत्यु हो गई। सुनवाई के बाद अदालत ने दीपक को हत्या की धारा (302) में आजीवन कारावास और 40 हजार और आग लगाने की धारा (436) में 10 साल कारावास और ₹10 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया है।