समाचार · उत्तर प्रदेश
UP के इस शहर में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट, 2 अस्पतालों में 20-20 बेड रिजर्व, डॉक्टरों को दिए खास निर्देश, जानें पूरा मामला

UP Health Alert: उत्तर प्रदेश समेत छह राज्यों में एच1एन1 वायरस के मामले सामने आने के बाद कानपुर का स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है. संक्रमण की आशंका को देखते हुए शहर के हैलट और उर्सला अस्पताल में 20-20 बेड रिजर्व किए गए हैं. अस्पतालों में जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीजों की पहचान पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है.
संदिग्ध मरीज मिलते ही देनी होगी सूचना
स्वास्थ्य विभाग ने हैलट, उर्सला समेत अन्य अस्पतालों के डॉक्टरों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि अगर किसी मरीज में एच1एन1 के लक्षण दिखाई देते हैं तो इसकी जानकारी तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाए. इससे जरूरत पड़ने पर मरीज की जांच और इलाज की व्यवस्था समय पर की जा सकेगी. अस्पतालों में मरीजों की निगरानी के साथ संक्रमण को दूसरे मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों तक फैलने से रोकने के लिए भी सावधानी बरतने को कहा गया है.
अस्पतालों में पहले से की गई तैयारी
हैलट के प्रमुख अधीक्षक डॉ. सौरभ अग्रवाल और उर्सला की निदेशक डॉ. सीमा श्रीवास्तव ने बताया कि संभावित स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों में तैयारी की गई है. दोनों अस्पतालों में 20-20 बेड रिजर्व करने के साथ जरूरी दवाओं का स्टॉक रखने को कहा गया है. ओपीडी में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीज मिलने पर तत्काल सूचना देने के निर्देश भी दिए गए हैं. हालांकि, फिलहाल कानपुर में किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं बताई गई है.
बुखार और खांसी के साथ सांस फूलना गंभीर
स्वाइन फ्लू संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस के जरिए निकलने वाली सूक्ष्म बूंदों के संपर्क में आने से फैल सकता है. इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द, सर्दी लगना और कमजोरी शामिल हैं. अगर खांसी-बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या ऑक्सीजन का स्तर कम होने लगे तो स्थिति गंभीर हो सकती है.
बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा सावधानी
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से भीड़भाड़ वाली जगहों पर अनावश्यक जाने से बचने, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकने तथा हाथों को नियमित रूप से साफ करने की अपील की है. बुखार या खांसी होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या दूसरी दवाएं नहीं लेने की सलाह दी गई है. छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से हृदय, फेफड़े, मधुमेह या कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.
Must Read: UP में सीखो सिखाओ अवॉर्ड 2026 के आवेदन शुरू, शिक्षक समेत इन 5 श्रेणियों में मिलेगा सम्मान, जानें प्रक्रिया