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बिहार में इन लोगों का राशन कार्ड हो सकता है बंद, जानिए क्या है सरकार का नया नियम

Bihar Ration Card : केंद्र के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने राज्यों को राशन कार्ड को लेकर जरूरी निर्देश भेजे हैं. इसमें उन लाभार्थियों की पहचान करने को कहा गया है, जिन्होंने लगातार छह महीने से राशन नहीं लिया है. ऐसे राशन कार्डों की स्थिति की हर महीने जांच की जाएगी.
बिहार में भी हर महीने की 21 तारीख को इस मामले की समीक्षा होगी. इसके बाद अगले महीने की पहली तारीख को पिछले छह महीने से राशन नहीं लेने वाले राशन कार्डों को सिस्टम में निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
राशन कार्ड बंद होने के बाद भी मिलेगा दोबारा मौका
राशन कार्ड निष्क्रिय होने का मतलब यह नहीं है कि उसे हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाएगा. ऐसे कार्डों को दोबारा चालू कराने का प्रावधान भी रखा गया है. इसके लिए लाभार्थियों को तय प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
केंद्र ने राज्यों से लाभार्थियों की ई-केवाईसी को लेकर भी जरूरी कदम उठाने को कहा है. यानी राशन कार्ड में दर्ज लोगों की पहचान और जानकारी को अपडेट रखना जरूरी होगा.
ई-केवाईसी के लिए मिलेगा तीन महीने का समय
निष्क्रिय राशन कार्ड में शामिल लाभार्थियों को ई-केवाईसी पूरी करने के लिए तीन महीने का समय दिया जाएगा. इस दौरान लाभार्थी अपनी ई-केवाईसी करा सकते हैं. अगर तय तीन महीने के अंदर ई-केवाईसी पूरी नहीं होती है तो सिस्टम के जरिए राशन की सुविधा रोकी जा सकती है. इसलिए जिन लोगों के राशन कार्ड निष्क्रिय किए जाते हैं, उनके लिए समय पर ई-केवाईसी कराना जरूरी होगा.
एक से ज्यादा राशन कार्ड में नाम होने पर भी जांच
अगर किसी व्यक्ति का नाम एक से ज्यादा राशन कार्ड में दर्ज है तो उसकी भी जांच होगी. विभाग ने ऐसे मामलों की पहचान आधार मिलान के जरिए करने को कहा है. इसके बाद पात्र व्यक्ति को एक ही राशन कार्ड में रखने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी.
ऐसे परिवारों को एसएमएस के जरिए जानकारी दी जाएगी. इसके बाद सत्यापन और ई-केवाईसी के लिए तीन महीने का समय मिलेगा. जांच के दौरान अगर व्यक्ति पात्र पाया जाता है तो उसका नाम संबंधित राशन कार्ड में रखा जाएगा. वहीं, अपात्र पाए जाने पर राशन कार्ड से नाम हटाया जा सकता है.
राज्यों को निगरानी बढ़ाने का निर्देश
केंद्र ने राज्यों से इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने को कहा है. इसके लिए निरीक्षकों, FPSO और FPSMO को जरूरी जानकारी देने और प्रक्रिया के लिए तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.
राज्यों को यह भी कहा गया है कि तीन महीने की तय अवधि के दौरान जरूरत के मुताबिक मौके पर जाकर सत्यापन और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कराई जाए. इससे राशन कार्ड में दर्ज लाभार्थियों की जानकारी को सही रखने में मदद मिलेगी.
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स्मार्ट-PDS पर भी देनी होगी जानकारी
विभाग ने राज्यों को प्रक्रिया के बारे में लोगों तक जानकारी पहुंचाने और इसकी निगरानी करने को कहा है. प्रक्रिया लागू होने के बाद स्मार्ट-PDS पर राशन की उपलब्धता से जुड़ी रिपोर्ट भी समय पर भेजनी होगी.
यानी आने वाले समय में राशन कार्ड की स्थिति, ई-केवाईसी और एक से ज्यादा कार्ड में नाम जैसे मामलों की जांच पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा. राशन कार्डधारकों के लिए अपनी जानकारी सही रखना और जरूरत पड़ने पर ई-केवाईसी पूरी करना महत्वपूर्ण होगा.
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