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सम्राट चौधरी का ऐलान- अगले 3 साल में 1 करोड़ महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य, सरकार ने बनाया प्लान

Samrat Choudhary: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद सभागार में महिलाओं को लेकर कई योजनाओं और फैसलों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले तीन साल में एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ना है. इनमें करीब 50 लाख महिलाओं को दूध उत्पादन और उसकी बिक्री से जोड़ने की योजना है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की तरक्की में महिलाओं की बड़ी भूमिका है. सरकार महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और कमाई के दूसरे साधनों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर काम कर रही है.
50 लाख महिलाओं को डेयरी से जोड़ने की तैयारी
बिहार में दूध के काम से जुड़े किसानों की संख्या बढ़ाने का भी लक्ष्य रखा गया है. अभी करीब 12 लाख किसान दुग्ध उत्पादन से जुड़े हैं. सरकार इसे बढ़ाकर 50 लाख से ज्यादा करना चाहती है.
महिलाओं को सुधा सखी, जीविका सुधा बिक्री केंद्र और दूध संग्रह केंद्रों से जोड़कर काम देने की योजना है. मुख्यमंत्री ने बताया कि देश के डेयरी सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी करीब 70 प्रतिशत है. बिहार में इसे बढ़ाकर 80 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है.
हर पंचायत में खुलेगा पशु औषधि बिक्री केंद्र
महिलाओं को पशुपालन से जोड़ने के साथ पशु चिकित्सा से जुड़ी सुविधा भी बढ़ाई जाएगी. राज्य के सभी 534 प्रखंडों में पशु औषधि बिक्री केंद्र खोले जाएंगे. इन केंद्रों के संचालन में महिलाओं को भी रोजगार का मौका दिया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने सुधा सखी प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत भी की. इसके जरिए महिलाओं को रोजगार और अपना काम शुरू करने के लिए तैयार किया जाएगा. इस मौके पर जीविका-सुधा बिक्री केंद्रों के आवंटन पत्र और महिलाओं द्वारा चलाए जाने वाले पशु औषधि बिक्री केंद्रों के चयन पत्र भी दिए गए. दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र भी बांटे गए.
सुधा बिक्री केंद्र खोलने पर 60 हजार रुपये की मदद
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत सुधा बिक्री केंद्र खोलने वाली महिलाओं को दूसरी और तीसरी किस्त मिलाकर कुल 60 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है. हर पंचायत में एक सुधा बिक्री केंद्र खोलने के लिए जीविका दीदियों का चयन लॉटरी के जरिए किया जाएगा.
सरकार की योजना आगे इन केंद्रों को पंचायतों से गांवों तक पहुंचाने की भी है. इसके अलावा लखीसराय में पशु सीमेन सेंटर बनाया जाएगा. मुंगेर और बक्सर के डुमरांव में बछिया पालन केंद्र शुरू करने की योजना है. बकरी के दूध को प्रोसेस करने के लिए एक यूनिट भी लगाई जाएगी.
अंतरजातीय विवाह पर अब कुल ढाई लाख रुपये
अंतरजातीय विवाह को लेकर भी मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा की. उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग की युवतियों के अंतरजातीय विवाह पर राज्य सरकार अब सवा लाख रुपये देगी. अभी राज्य सरकार की ओर से एक लाख रुपये का प्रावधान है.
केंद्र सरकार की ओर से भी सवा लाख रुपये दिए जाते हैं. इस तरह राज्य सरकार की नई सहायता को जोड़ने के बाद पात्र युवतियों को कुल ढाई लाख रुपये मिलेंगे.
सभी वर्ग की छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षा पर मिलेगी मदद
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही छात्राओं के लिए भी योजना का दायरा बढ़ाया गया है. अब सभी वर्ग की छात्राओं को प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक परीक्षा पास करने पर 30 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिलेगी.
पहले इस तरह की सहायता का प्रावधान अनुसूचित जाति-जनजाति और अति-पिछड़ा वर्ग की छात्राओं के लिए था. अब इसे सभी वर्ग की छात्राओं तक बढ़ाने की घोषणा की गई है.
महिलाओं और बच्चों के लिए शुरू हुआ एनीमिया मुक्त बिहार अभियान
महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए एनीमिया मुक्त बिहार अभियान शुरू किया गया है. मुख्यमंत्री ने मंगलवार को इसकी शुरुआत की. यह अभियान 25 अगस्त से 30 नवंबर तक चलेगा.
सरकार ने इस अभियान के तहत 1 करोड़ 20 लाख 82 हजार 500 लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है. इस दौरान महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर खास ध्यान दिया जाएगा.
इलाज के लिए हर बार पटना आने की जरूरत नहीं
बिहार में जिला स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की भी बात कही गई है. मुख्यमंत्री ने बताया कि अब जिलों में 36 तरह के ऑपरेशन किए जा रहे हैं.
इससे लोगों को हर छोटी-बड़ी स्वास्थ्य जरूरत के लिए पटना आने की जरूरत कम होगी. सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के नजदीक पहुंचाना है.
मिथिला हस्तकला के लिए बनेगी नई सोसायटी
मिथिला की कला को बढ़ावा देने के लिए मिथिला हस्तकला को-ऑपरेटिव सोसायटी बनाने की घोषणा भी की गई. इस मौके पर सोसायटी के नए पदाधिकारियों को प्रमाण पत्र दिए गए.
पद्मश्री दुलारी देवी को सोसायटी का अध्यक्ष बनाया गया है. पद्मश्री शांति देवी और पद्मश्री शिवम पासवान को सह-अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है. रानी झा को सदस्य बनाया गया है.
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रक्षाबंधन से पहले महिलाओं के लिए कई योजनाओं का ऐलान
मुख्यमंत्री ने इन घोषणाओं को रक्षाबंधन से पहले महिलाओं और युवतियों के लिए सरकार की ओर से उपहार बताया. कार्यक्रम में जीविका दीदियों, सुधा सखियों और दुग्ध उत्पादक महिलाओं ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र बांधा और उन्हें शुभकामनाएं दीं.
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की समृद्धि का रास्ता महिलाओं को मजबूत बनाने से होकर जाता है. उन्होंने 2030 के विधानसभा चुनाव से पहले एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य भी दोहराया.
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