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JPSC APP और सिविल जज परीक्षा को रद्द करने की अधिसूचना को चुनौती, झारखंड हाईकोर्ट में 27 अगस्त को होगी सुनवाई

रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (APP) और सिविल जज (जूनियर डिविजन) प्रतियोगिता परीक्षाओं को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को झारखंड उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर चुनौती दी गई है. असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (नियमित) और बैकलॉग परीक्षा रद्द किए जाने के मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से न्यायमूर्ति दीपक रोशन की एकल पीठ के समक्ष मामले पर त्वरित सुनवाई करने का विशेष आग्रह किया गया. अदालत ने प्रार्थियों के इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 27 अगस्त की तिथि निर्धारित की है.
सिविल जज परीक्षा रद्द करने के खिलाफ भी याचिका दायर
दूसरी तरफ, सिविल जज (जूनियर डिविजन) प्रतियोगिता परीक्षा को रद्द किए जाने के सरकारी फैसले के खिलाफ राहुल सिंह, श्वेताभ पांडेय और अन्य अभ्यर्थियों ने संयुक्त रूप से याचिका दायर कर कानूनी चुनौती दी है. प्रार्थियों ने अपनी याचिका में राज्य सरकार द्वारा जारी उस अधिसूचना को पूरी तरह निरस्त करने की मांग की है. प्रार्थियों के अधिवक्ता द्वारा इस मामले पर भी अदालत से जल्द सुनवाई करने का आग्रह किया जाएगा.
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सरकार ने 22 अगस्त को रद्द की थीं 22 परीक्षाएं
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने गत 22 अगस्त को एक अधिसूचना जारी कर जेपीएससी (JPSC) द्वारा आयोजित की गई विभिन्न श्रेणियों की 22 प्रतियोगिता परीक्षाओं को अचानक रद्द कर दिया था. सरकार के इस फैसले से अभ्यर्थियों में भारी असंतोष है, जिसके बाद उन्होंने न्याय पाने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. 27 अगस्त को होने वाली सुनवाई पर सभी परीक्षार्थियों की नजरें टिकी हैं.
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