Wednesday, 26 August 2026
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सिरसा में पानी की कमी पर किसानों का धरना:सिंचाई विभाग को चेतावनी; CM को काले झंडे दिखाने की तैयारी

INT News25 August 2026 at 06:45 pm

सिरसा जिले के रानियां खंड में सिंचाई के पानी की किल्लत को लेकर किसानों ने सिंचाई विभाग कार्यालय पर धरना दिया। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता वीरभान मेहता के नेतृत्व में किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पानी की उचित व्यवस्था करने की मांग की। किसानों का कहना है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र के गांवों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है, जिससे फसलें प्रभावित होने का खतरा है। पानी की कमी से किसान और ग्रामीण दोनों परेशान हैं। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन, सिंचाई और बिजली विभाग से कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला। सिंचाई के पानी का गंभीर संकट धरने पर मौजूद वीरभान मेहता और किसान कालू राम गोदारा ने बताया कि फतेहपुरिया, महम्मदपुरिया, कुस्सर, बालासर, नाईवाला और खाजाखेड़ा गांवों में सिंचाई के पानी का गंभीर संकट है। घग्गर नाईवाला खरीफ चैनल में दो बार 'फलड्डी' पानी आ चुका है, लेकिन उनके गांवों तक यह पानी नहीं पहुंचा है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे सरकार और प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो वे मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाएंगे। इस बार बारिश भी कम हुई है, जिससे फसलें सूख रही हैं। सीएम को दिखाएंगे काले झंडे किसान धरना प्रदर्शन करेंगे व मुख्यमंत्री को सिरसा आने पर काले झंडे दिखाएंगे। इन गांव में यह समस्या आज से नहीं है, बहुत पहले से चल रही है। दूसरे गांव के किसान बड़ी-बड़ी पाइपलाइन बिछाकर व मोटर लगाकर पानी ले रहे है। उन पाइपों को हटाने का काम प्रशासन ने पहले किया था मगर सही से कार्रवाई नहीं हुई है। इस कारण टेल पर बसने वाले गांव को फलडी पानी नहीं मिल रहा है। सिंचाई विभाग का घेराव भी करेंगे आज का ये सांकेतिक धरना लगाया था और प्रशासन को चेतावनी है कि अगर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो आगे बड़ा धरना देंगे ओर सिंचाई विभाग का घेराव भी करेंगे। वहीं, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमारी मांगें नहीं मानी जाती तो सिरसा में प्रदेश के मुख्यमंत्री के होने वाले दौरे के दौरान उनको काले झंडे दिखाने का काम भी किसानों की ओर से किया जाएगा। बार-बार समस्या उठाने के बावजूद यदि सिंचाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो उन्हें मजबूर होकर बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा। धरने के दौरान किसानों ने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो विरोध प्रदर्शन को और तेज किया जाएगा। अवैध मोटरों पर कार्रवाई करने की मांग धरने के बाद किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने सिंचाई विभाग के XEN संदीप शर्मा और SDO धर्मपाल से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। किसानों ने अधिकारियों से मांग की, कि प्रभावित गांवों तक पर्याप्त मात्रा में सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाए। किसानों ने विशेष रूप से पत्थर वाली पाइप लाइन को हटाने और अवैध मोटरों पर कार्रवाई करने की मांग भी उठाई। किसानों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा किसानों का आरोप है कि अवैध तरीके से लगाई मोटरों के कारण पानी का प्रवाह प्रभावित हो रहा है और अंतिम छोर पर बसे गांवों तथा किसानों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा। किसानों ने अधिकारियों से समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। अब देखना होगा कि विभाग किसानों की इस गंभीर समस्या का कितनी जल्दी समाधान करता है या फिर आने वाले दिनों में किसानों का यह धरना एक बड़े आंदोलन का रूप लेता है।