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Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में बारिश से 946 सड़कें और 15 पुल तबाह; आज कहां-कहां अलर्ट

Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में मॉनसून का कहर अब भी नहीं थमा है। इस साल बारिश ने ग्रामीण इलाकों के सड़क तंत्र को बुरी तरह से प्रभावित किया है। आपदा के कारण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनी 946 सड़कें और 15 पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सैकड़ों गांव मुख्य धारा से कट गए हैं। मौसम विभाग ने आज 4 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।देहरादून समेत चार जिलों में भारी बारिश का अलर्टदेहरादून, वरिष्ठ संवाददाता। प्रदेश के चार जिलों-देहरादून, पिथौरागढ़, नैनीताल और बागेश्वर में मंगलवार को भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार, कई जगह हल्की से तेज बारिश की संभावना है।मौसम विभाग की ओर से सोमवार को जारी सूचना के अनुसार, उत्तराखंड के समस्त पर्वतीय जिलों व यूएसनगर में भी बारिश की संभावना है। बीते 24 घंटों के दौरान पंतनगर में 39.6 मिमी, यमकेश्वर में 35, चोरगलिया में 29, पोखरी में 21.0 मिमी वर्ष दर्ज की गई। देहरादून का अधिकतम तापमान 32.8 और न्यूनतम 24.0 डिग्री सेल्सियस रहा। राजधानी में 8.5 मिमी वर्षा हुई।प्रदेश में मॉनसून ने ग्रामीण सड़कों पर बरपाया कहरग्रामीण सड़कों के बंद होने का सबसे ज्यादा असर दूरस्थ क्षेत्रों की जीवनशैली पर पड़ा है। मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसके अलावा, स्थानीय किसानों की नगदी फसलें समय पर मंडियों तक नहीं पहुंच पा रही हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। अमूमन देखा जाता है कि सरकार का मुख्य ध्यान राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों और जिला मार्गों की बहाली पर ही केंद्रित रहता है, जिससे सड़कों की मरम्मत का कार्य अक्सर देरी से शुरू होता है और ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। इस बार भी अभी तक तमाम जिलों में ग्रामीण सड़कों के पुनर्निर्माण का कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।पुनर्निर्माण के लिए 650 करोड़ अतिरिक्त मांगेसीमित वित्तीय संसाधनों को देखते हुए ग्रामीण विकास विभाग ने वर्ष 2025-26 में हुई आपदा से क्षतिग्रस्त हुई 946 सड़कों और 15 पुलों के पुनर्निर्माण के लिए 650 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता की मांग की है। साथ ही विभाग ने सड़कों की त्वरित मरम्मत के लिए इमरजेंसी मेंटेनेंस के रूप में अनुबंधित धनराशि का 10 से 15 प्रतिशत अतिरिक्त धन आवंटन करने का भी निवेदन किया है।