Wednesday, 26 August 2026
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चेयरपर्सन प्रियदर्शी बोली-आत्मनिर्भरता से पति-पत्नी में धैर्य की कमी आई:सिरसा में महिलाओं की सुनी समस्याएं, अगले माह जल्द लगेगी बैंच

INT News25 August 2026 at 06:57 pm

हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन उषा प्रियदर्शी की अध्यक्षता में आज मंगलवार को सिरसा के लघु सचिवालय के सभागार में मीटिंग हुई। बैठक में जिला से संबंधित 19 जन शिकायतों पर सुनवाई की। आयोग आपके द्वार की सिरसा में यह पहली मीटिंग थी और ऐलाना किया कि दूसरी मीटिंग भी अगले महीने जल्द होगी। इसमें महिला से संबंधित शिकायतों पर सुनवाई होगी। वहीं, अपने माता-पिता से रूठा हुआ एक बच्चा भी न्याय मांगने पहुंचा। चेयरपर्सन उषा प्रियदर्शी ने मीडिया से बातचीत में बताया, आज की बैंच में 19 केसों की सुनवाई हुई। 12-13 शिकायतों का निपटान कर दिया है। हर माह में जिला वाइज एक बैंच लगाई जाएगी। आज सिरसा में बैंच लगी है और इसी सेम तारीख को बैंच लगेगी। जो महिलाएं-बेटियां है और पंचकूला ऑफिस तक नहीं आ सकती। आयोग आपके द्वार के तहत हर जिले में ये बैंच लगेगी और उन केसों की वहीं पर सुनवाई करे। चेयरपर्सन ने बताया, आजकल धैर्य की कमी सबसे बड़ी है। बहुत ज्यादा नहीं कहूंगी, पति-पत्नी दोनों ही बहुत काम करते हैं। आत्मनिर्भरता एक-दूसरे के साथ बहुत ज्यादा आ गई है। महिला भी काम करती है तो उसको भी ये लगता है कि मैं भी आत्मनिर्भर हूं तो आपस में तालमेल में कहीं न कहीं कमी आती है। इस बात को आयोग जब धैर्य से सुनता है तो मन का गुभार निकाल देते हैं। दोनों बाद में खुशी से घर जाते हैं। आयोग का ये प्रयास है कि हर बेटी खुश रहे। बच्चे में माता-पिता के प्रति मनमुटाव था चेयरपर्सन उषा प्रियदर्शी ने बताया, महिला आयोग में घरेलू उत्पीड़न, मारपीट, शारीरिक-मानसिक प्रताड़ना के केस आते हैं। शिकायतों पर एसपी को कार्रवाई के लिए बोला गया है। पुलिस को सभी मामलों की गहनता से जानकारी थी। उदाहरण के तौर पर बताया, एक बच्चे का केस था। बच्चे में मनमुटाव था और माता-पिता की कोई बात थी तो बच्चे सफर करते हैं। इस पर बच्चे व माता-पिता को संतुष्ट करवाया है और माना कि वे साथ रहेंगे। पीड़ित महिला बोली-ससुराल में रहने नहीं दे रहे

सुनवाई के दौरान एक पीड़ित महिला ने बताया, उसे व उसके पति को उसकी ससुराल वाले घर में नहीं रहने दे रहें हैं, जिसके कारण वो किराए के मकान में रहने को मजबूर है। इस पर आयोग की टीम ने दूसरे पक्ष से महिला के ससुराल वालों को बुलाया और पूरी जानकारी के बाद पुलिस की दुर्गा शक्ति टीम को निर्देश दिए कि वे साथ जाकर पीड़ित दंपती को उसका हक दिलाएं। महिला और उसके पति के लिए ससुराल में रहने के लिए जगह उपलब्ध करवाएं। पति को खर्च भत्ता देने के आदेश इसी तरह मारपीट के मामले में महिला ने बताया कि उसके साथ मारपीट हुई और पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। इस पर आयोग ने पुलिस को आदेश दिए कि वे वैवाहिक जीवन के मामले को कारण न मानकर मारपीट से संबंधित मामले की जांच करते हुए पीड़ित को न्याय दें। एक अन्य मामले में महिला ने आयोग टीम को बताया कि वह अलग रहती है और पति उसे कोई खर्च भत्ता नहीं देता। आयोग ने मामले में सुनवाई करते हुए महिला के पति को मासिक 10 हजार रुपये बतौर खर्च पीड़ित को प्रदान करने के निर्देश दिए।

वीडियो कॉल और फोन कर स्वयं जानी हकीकत चेयरपर्सन उषा प्रियदर्शी ने पीड़ित अथवा दूसरा पक्ष उपस्थित न रहने पर शिकायत से संबंधित वर्तमान स्थिति और अब तक हुई कार्रवाई पर संतुष्टि होने, न होने संबंधी हकीकत जानी। उन्होंने फोन और वीडियो कॉल के माध्यम से बैठक में न पहुंच पाने का कारण, किसी पीड़ित पर किसी तरह का कोई दवाब न होने और बैठक से पूर्व मामले के हुए निपटान में संतुष्ट होने संबंधी जानकारी भी ली। अस्पताल की समस्या पर सीएमओ को कराया अवगत चेयरपर्सन उषा प्रियदर्शी दो दिन तक सिरसा में दौरे पर रही। पहले दिन सोमवार को चेयरपर्सन ने जिले के पुलिस थाने और सिविल अस्पताल सहित अन्य कार्यालयों में दौरा किया था। अगर अस्पताल की बात करें तो वहां पर जरूरतमंद लोग इलाज के लिए आते हैं। गर्मी के चलते एससी की कमी थी, जिसके लिए पीएमओ व सीएमओ को आदेश दिया गया है।