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की खबर का असर: बक्सर के गरहथा कला स्कूल की जांच में खुले कई राज, बच्चों से शिक्षक के हाथ-पैर दबवाने का आरोप

Buxar News : ब्रह्मपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय गरहथा कला में कथित प्रशासनिक मनमानी, वित्तीय अनियमितता और बदइंतजामी के खिलाफ छात्रों व अभिभावकों के आक्रोश के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया. 19 अगस्त को छात्रों ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को लिखित शिकायत दी थी. दो दिनों तक कार्रवाई नहीं होने पर 22 अगस्त को आक्रोशित छात्रों ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया था. मामला सामने आने के बाद अब मंगलवार को उच्चस्तरीय जांच टीम विद्यालय पहुंची, जहां कई गंभीर शिकायतें और अनियमितताएं सामने आयीं.
ने लगातार उठाया मामला, सप्ताहभर बाद पहुंची जांच टीम
मामले को लेकर ने डिजिटल और प्रिंट में लगातार खबरें प्रकाशित कीं. खबरों में छात्रों की शिकायतों, बीआरसी और शिक्षा विभाग की कथित लापरवाही तथा विद्यालय की बदहाल व्यवस्था को प्रमुखता से उठाया गया. इसके बाद मंगलवार, 25 अगस्त को शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय टीम विद्यालय पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की.
आम सभा में अभिभावकों ने खोली स्कूल की व्यवस्था की पोल
ग्राम पंचायत निमेज के मुखिया जगनारायण प्रसाद की अध्यक्षता में विद्यालय परिसर में आम सभा आयोजित की गयी. इसमें शिक्षा विभाग के अधिकारी, संकुल समन्वयक, मध्याह्न भोजन प्रभारी, शिक्षक, विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण व अभिभावक शामिल हुए. बैठक में अभिभावकों और ग्रामीणों ने विद्यालय की व्यवस्था को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए.
बच्चों ने कहा- तीन-चार विषयों की ही होती है पढ़ाई
अभिभावकों ने शिकायत की कि विद्यालय में बच्चों को केवल तीन या चार विषय ही पढ़ाये जाते हैं. आरोप है कि अन्य विषयों की कक्षाएं नियमित रूप से संचालित नहीं होती हैं. इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की बात कही गयी. ग्रामीणों ने विद्यालय में शिक्षण व्यवस्था की गंभीरता से जांच कराने की मांग की.
शिक्षक पर बच्चों से हाथ-पैर दबवाने का आरोप
आम सभा में बच्चों की ओर से शिक्षक रामवचन यादव पर गंभीर आरोप लगाए गये. अभिभावकों ने बताया कि बच्चों ने शिक्षक पर हाथ-पैर दबवाने का आरोप लगाया है. ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि शिक्षक विद्यालय में केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद गायब हो जाते हैं. हालांकि, इन आरोपों की विभागीय जांच के बाद ही वास्तविकता स्पष्ट होगी.
जांच में कई महत्वपूर्ण रजिस्टर नहीं मिले
जांच के दौरान विद्यालय में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) पंजी, दैनिक प्रतिवेदन और विद्यालय शिक्षा समिति का रजिस्टर उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आयी. इसके अलावा चुनाव के दौरान मिले 50 हजार रुपये के संबंध में भी कोई वाउचर या हिसाब नहीं मिलने का आरोप लगाया गया. इन बिंदुओं को लेकर ग्रामीणों ने वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल उठाये.
शौचालय में रखा मिला खेलकूद का सामान
जांच के दौरान बच्चों के लिए बने शौचालय में खेलकूद का सामान रखे होने की बात भी सामने आयी. वहीं रसोइया के व्यवहार और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्राओं और अभिभावकों ने शिकायत दर्ज करायी. ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की.
शिक्षा समिति के गठन पर भी उठे सवाल
बैठक में वार्ड-1 के सदस्य ने कहा कि उन्हें यह जानकारी तक नहीं है कि विद्यालय शिक्षा समिति का गठन कब हुआ और उसमें कौन-कौन सदस्य हैं. वहीं विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष सह भूमिदाता ने विद्यालय के सभी शिक्षकों के स्थानांतरण की मांग रखी.
जांच के बाद कार्रवाई की उम्मीद
विद्यालय में सामने आये आरोपों और अनियमितताओं के बाद अब ग्रामीणों की नजर शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट पर है. अभिभावकों और ग्रामीणों ने मांग की है कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाये और विद्यालय में पढ़ाई, एमडीएम तथा प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाये.