Wednesday, 26 August 2026
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सीपीआई (एमएल) लिबरेशन की बैठक:20 सितंबर को जालंधर में रैली की तैयारी, देशभर से जुटेंगे 1000 प्रतिनिधि, वालंटियर्स संभालेंगे कमान

INT News25 August 2026 at 09:22 pm

अखिल भारतीय किसान महासभा की आगामी 20 सितंबर को जालंधर में होने वाली राष्ट्रीय रैली को सफल बनाने के लिए सीपीआई (एमएल) लिबरेशन और पंजाब किसान यूनियन की एक सांझा बैठक आयोजित की गई। यूनियन के जिला प्रधान हरविंदर सिंह मल्ला की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में रैली की रणनीति और कार्यकर्ताओं की लामबंदी को लेकर गंभीर चर्चा हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस महा-रैली में जिले से लगभग 800 किसान-मजदूरों का काफिला भागीदारी सुनिश्चित करेगा। बैठक के बाद विस्तृत जानकारी साझा करते हुए जिला सचिव अश्वनी कुमार लखण कलां और बलबीर सिंह धकाला ने बताया कि 20 सितंबर को जालंधर में होने वाली इस रैली में देश के कोने-कोने से लगभग 1000 प्रमुख प्रतिनिधि और किसान नेता शामिल हो रहे हैं। रैली के सुचारू प्रबंधन और प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए जिले से दर्जनों विशेष स्वयंसेवक (वालंटियर्स) समय से पहले ही जालंधर पहुँचकर कमान संभाल लेंगे। "अमेरिका के साथ असमान समझौते भारतीय किसानों को कर देंगे बर्बाद" बैठक के दौरान किसान नेताओं ने केंद्र सरकार की विदेश और व्यापार नीतियों पर तीखे सवाल उठाए। नेताओं ने भारत सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए जा रहे व्यापारिक समझौतों को पूरी तरह 'असमान' और जनविरोधी करार दिया। अमेरिकी साम्राज्यवाद खुलेआम भारतीय वस्तुओं पर 100 प्रतिशत टैरिफ (सीमा शुल्क) लगाने की धमकियां दे रहा है, जबकि इसके विपरीत भारत सरकार अमेरिकी सामानों पर सामान्य टैरिफ लगाने की बात कर रही है। अगर यह असमान नीतियां लागू हुईं, तो भारतीय कृषि क्षेत्र और देश का किसान पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। सरकार को ऐसे देशविरोधी समझौतों से तुरंत पीछे हटना चाहिए।"

चीनी की कीमतों में उछाल पर मोदी सरकार की निंदा त्योहारों के आगामी सीजन से ठीक पहले बाजार में चीनी की कीमतों में हुई भारी वृद्धि को लेकर भी तीखा रोष जताया गया। किसान नेताओं ने इसके लिए सीधे तौर पर मोदी सरकार के कुप्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने बड़े जमाखोरों और कॉर्पोरेट्स को जनता को लूटने की खुली छूट दे रखी है। सरकार समय रहते देश में चीनी का पर्याप्त बफर स्टॉक सुरक्षित रखने में पूरी तरह नाकाम रही। अब आनन-फानन में ब्राजील से चीनी आयात करने (मंगवाने) की औपचारिकताएं की जा रही हैं, जिसे भारत पहुँचने में एक महीने से अधिक का समय लगेगा। इस बीच, त्योहारों के दिनों में बढ़ी हुई कीमतें आम और गरीब जनता की जेब पर भारी डाका डालेंगी। बैठक में ये प्रमुख नेता रहे उपस्थित इस महत्वपूर्ण बैठक में रणनीति तय करने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर लामबंदी तेज करने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर एडवोकेट हरविंदर सिंह मल्ला, नरेंद्र सिंह भागोका, अमरीक सिंह जीवन चक, सुखदेव सिंह गोसल, प्रीतम सिंह ऊंचा धकाला, हरप्रीत सिंह साधू चक, सुखबीर सिंह धूत और दलजीत सिंह रणजीत बाग सहित बड़ी संख्या में यूनियन के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।