समाचार · हरियाणा
जिला परिषद की बैठक में गोरिल्ला बनकर पहुंचे कांग्रेस पार्षद:पेंशन और महंगाई के मुद्दे पर जताया विरोध; बोले-जनता की हर लड़ाई लड़ने को तैयार
सोनीपत जिला परिषद की मंगलवार को आयोजित बैठक में उस समय माहौल चर्चा का विषय बन गया, जब जिला पार्षद संजय बड़वासनीय गोरिल्ला का रूप धारण कर बैठक में पहुंचे। उन्होंने बुजुर्गों की पेंशन, पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम और सरकारी अधिकारियों की कथित मनमानी समेत आमजन से जुड़े मुद्दों को लेकर अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। गोरिल्ला का रूप धारण कर पहुंचे पार्षद को देखकर बैठक में मौजूद लोग भी हैरान रह गए। संजय बड़वासनियां ने अपने प्रदर्शन को प्रतीकात्मक बताते हुए कहा कि गोरिल्ला संघर्ष और लड़ाई का प्रतीक है। उनका कहना है कि जनता की समस्याओं को लेकर वह किसी भी स्तर तक संघर्ष करने के लिए तैयार हैं और आमजन की आवाज लगातार उठाते रहेंगे। गोरिल्ला का रूप धारण कर बैठक में पहुंचे पार्षद जिला परिषद की बैठक में संजय बड़वासनियां अलग अंदाज में पहुंचे। उन्होंने गोरिल्ला का रूप धारण कर अपना विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि इस प्रदर्शन के माध्यम से वह अधिकारियों और प्रशासन का ध्यान आम लोगों की समस्याओं की ओर आकर्षित करना चाहते हैं।
संजय ने कहा कि आमतौर पर जनप्रतिनिधि अपनी मांगों को ज्ञापन, नारेबाजी या धरने के माध्यम से उठाते हैं, लेकिन उन्होंने जनता से जुड़े मुद्दों को अलग तरीके से सामने रखने का फैसला किया। पेंशन और महंगाई के मुद्दे पर उठाई आवाज पार्षद ने बुजुर्गों की पेंशन से जुड़े मामलों और बढ़ती महंगाई को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज आम आदमी लगातार महंगाई की मार झेल रहा है। रोजमर्रा की जरूरतों का खर्च बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर आम परिवारों के बजट पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के लिए पेंशन एक महत्वपूर्ण सहारा है। पेंशन से जुड़े मामलों को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं और इन समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए। पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर भी विरोध संजय बड़वासनियां ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर भी अपनी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि ईंधन की कीमतों का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव परिवहन और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ता है।
उन्होंने कहा कि महंगाई का बोझ सीधे आम परिवारों पर पड़ रहा है और जनप्रतिनिधियों को जनता से जुड़े इन मुद्दों को मजबूती से उठाना चाहिए। अधिकारियों की कथित मनमानी का लगाया आरोप जिला पार्षद ने सरकारी अधिकारियों की कथित मनमानी को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि आम जनता की समस्याओं पर अपेक्षित गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
उन्होंने कहा कि जब जनता की समस्याएं लगातार सामने आती हैं तो जनप्रतिनिधि के तौर पर उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वह इन मुद्दों को संबंधित अधिकारियों और प्रशासन के सामने उठाएं। गोरिल्ला को बताया संघर्ष और लड़ाई का प्रतीक संजय बड़वासनियां ने अपने प्रदर्शन के पीछे के संदेश को स्पष्ट करते हुए कहा कि गोरिल्ला संघर्ष और लड़ाई का सिंबल है। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर वह पीछे हटने वाले नहीं हैं।
उनके अनुसार, गोरिल्ला का रूप धारण करना किसी व्यक्ति या अधिकारी के खिलाफ व्यक्तिगत विरोध नहीं, बल्कि आम जनता की समस्याओं को लेकर संघर्ष का प्रतीकात्मक तरीका है। बोले-जनता की आवाज लगातार उठाते रहेंगे पार्षद ने कहा कि आम लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर वह हर स्तर पर आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि पेंशन, महंगाई, पेट्रोल-डीजल के दाम और अधिकारियों की कार्यप्रणाली जैसे मुद्दे सीधे आम परिवारों को प्रभावित करते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होता है तो वह आगे भी अलग-अलग तरीकों से अपना विरोध दर्ज कराते रहेंगे। जिला परिषद की बैठक में उनका यह अनोखा प्रदर्शन पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा।