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करनाल मंडी में यूपी से धान लाकर बेचने का शक:आढ़ती और किसान पर केस दर्ज,ई-खरीद पोर्टल पर हरियाणा के किसान की पहचान का किया गलत इस्तेमाल
करनाल जिले की इंद्री अनाज मंडी में उत्तर प्रदेश से धान लाकर हरियाणा के किसान की पहचान पर बेचने की आशंका के मामले में पुलिस ने आढ़ती और किसान के खिलाफ केस दर्ज किया है। मार्केट कमेटी की जांच के दौरान दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सामने आई थीं, जिनके जरिए धान के गेट पास बनवाने की जानकारी मिली। मामले में ई-खरीद पोर्टल पर किसान के पंजीकरण विवरण के कथित दुरुपयोग और गलत तरीके से धान बेचने की आशंका जताई गई है। पुलिस ने 24 अक्टूबर की रात मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मार्केट कमेटी के सचिव ने पुलिस को दी शिकायत
मार्केट कमेटी इंद्री के सचिव-कम-कार्यकारी अधिकारी अमित ने थाना इंद्री के एसएचओ को बीती 24 अक्टूबर को शिकायत भेजी। इसमें आढ़ती फर्म मैसर्स तेजिंदर सिंह सोहन लाल, दुकान नंबर 157, नई अनाज मंडी इंद्री और गांव बीबीपुर जट्टान निवासी रविंदर चाहल की भूमिका की जांच करने का अनुरोध किया गया।
शिकायत के अनुसार, खरीफ विपणन सीजन 2026 के दौरान मंडी में भौतिक सत्यापन करते समय संदिग्ध अनियमितता सामने आई। आशंका है कि उत्तर प्रदेश से लाए गए धान को हरियाणा के किसान के मेरी फसल-मेरा ब्यौरा (एमएफएमबी) पंजीकरण विवरण का इस्तेमाल करके ई-खरीद पोर्टल पर दर्ज कराया गया। इसके बाद धान की आवक के लिए गेट पास बनवाने की प्रक्रिया अपनाई गई। हालांकि, धान वास्तव में कहां से आया, किसान के पंजीकरण का इस्तेमाल वैध था या नहीं और इसमें किन लोगों की भूमिका रही, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी। 22 अक्टूबर को जारी किया था कारण बताओ नोटिस
मार्केट कमेटी ने इस मामले में 22 अक्टूबर को पत्र के तहत मैसर्स तेजिंदर सिंह सोहन लाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसमें रविंदर चाहल से जुड़ी दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के दस्तावेज और आवक संबंधी जानकारी का सत्यापन करने का उल्लेख किया गया था। नोटिस के अनुसार, वाहन नंबर HR75D7113 के लिए 22 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 36 मिनट पर गेट पास नंबर GP-16-20261022-10768 जारी होने की जानकारी सामने आई। इसी किसान से संबंधित प्रक्रिया में दूसरी ट्रॉली नंबर HR05AU4364 भी गेट पास बनवाने के लिए पेश की गई थी। दोनों वाहनों की आवाजाही, उनमें लदे धान की वास्तविक उत्पत्ति और किसान के पंजीकरण के इस्तेमाल की परिस्थितियों पर संदेह जताया गया है। कमेटी ने संबंधित फर्म से अपना पक्ष रखने और समर्थन में दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा था। अब पुलिस इन तथ्यों की जांच करेगी। पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज किया केस
थाना इंद्री में 24 अक्टूबर को मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(2), 318(4), 336(2) और 61 के तहत मामला दर्ज हुआ है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित लोगों ने आपसी मिलीभगत से उत्तर प्रदेश से धान लाकर ई-खरीद पोर्टल पर गलत गेट पास बनवाए और धोखाधड़ी के जरिए धान बेचने का प्रयास किया। मामले की जांच एसआई सुभाष को सौंपी गई है। किसान के जमीन रिकॉर्ड से लेकर सीसीटीवी तक की होगी जांच
मार्केट कमेटी ने पुलिस से किसान के एमएफएमबी पंजीकरण, जमीन के रिकॉर्ड, पंजीकृत फसल क्षेत्र, घोषित उत्पादन और ई-खरीद से जुड़े विवरणों का संबंधित विभागों से सत्यापन कराने का अनुरोध किया है। साथ ही, गेट पास और टोकन रिकॉर्ड, उनके जारी होने का समय, वाहन विवरण, पोर्टल पर इस्तेमाल किए गए उपयोगकर्ता खातों और उपलब्ध तकनीकी रिकॉर्ड की जांच करने को कहा है।
पुलिस दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में लाए गए धान की मात्रा, वास्तविक स्रोत, परिवहन, मालिकाना हक, खरीद, तुलाई और मंडी में आवक से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगालेगी। संबंधित फर्म, किसान, वाहन मालिकों, चालकों और अन्य संभावित लोगों की भूमिका की जांच की जाएगी। जरूरत के अनुसार सीसीटीवी फुटेज, बयान, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और मूल दस्तावेज भी जुटाए जाएंगे।