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वडोदरा की एमएसयू में तकनीक और भारतीय पारंपरिक कला का संगम

वडोदरा. एमएस यूनिवर्सिटी के फैमिली एंड कम्युनिटी रिसोर्स मैनेजमेंट विभाग की ओर से युवा टूरिज्म क्लब के सहयोग से सोमवार को विश्व पर्यटन दिवस मनाया गया। इस अवसर पर विभाग की हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट प्रयोगशाला में विशेष प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिसमें आधुनिक डिजिटल तकनीक और भारत की पारंपरिक कला विरासत का अनूठा संगम देखने को मिला। प्रदर्शनी का उदघाटन कुलपति प्रो. भालचंद्र भानगे ने किया। उन्होंने डीन अंजली पहाड व विभागाध्यक्ष सरजू पटेल के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट प्रयोगशाला को एक सिमुलेटेड होटल के रूप में विकसित किया गया है। इसमें फ्रंट ऑफिस और लॉबी, फूड एंड बेवरेज सर्विस सेटअप, कार्यरत किचन तथा डबल ऑक्यूपेंसी और ट्विन-बेड रूम सहित गेस्ट एकोमोडेशन की सुविधाएं हैं। यह प्रयोगशाला विद्यार्थियों को अतिथि के आगमन और चेक-इन से लेकर भोजन तथा इन-रूम हॉस्पिटैलिटी तक की पूरी गेस्ट जर्नी का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती है। इस वर्ष विद्यार्थियों ने प्रयोगशाला को इस विचार के साथ तैयार किया कि तकनीक और परंपरा साथ मिलकर भविष्य के पर्यटन को नया स्वरूप दे सकती हैं। विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम “डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए पर्यटन का पुनर्रचना” है, जिसमें पर्यटन में एआइ और डिजिटल तकनीकों की भूमिका पर जोर दिया गया है। इसी अवधारणा के तहत विद्यार्थियों ने बेडशीट, तकिए के कवर, कुशन कवर, सोफा थ्रो, नैपकिन, टेबल कवर, टेबल मैट, कोस्टर और सर्विंग ट्रे सहित विभिन्न होटल लिनेन एवं हॉस्पिटैलिटी टेक्सटाइल तैयार किए। इन वस्तुओं को पारंपरिक भारतीय कला रूपों से सजाया गया। प्रदर्शनी में रखी प्रत्येक वस्तु इंडियन नॉलेज सिस्टम्स से प्रेरित डिजाइन सोच का उदाहरण है। विद्यार्थियों द्वारा तैयार प्रत्येक हस्तनिर्मित और हाथ से सजाई गई वस्तु में संबंधित कला शैली के इतिहास, दर्शन और क्षेत्रीय पहचान को दर्शाने का प्रयास किया गया।