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मरीजों से मेडिकल छात्रों तक बदलेगी सुविधा, झारखंड के मेडिकल कॉलेजों में विस्तार की तैयारी

Jharkhand Medical College Expansion: झारखंड में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में दुमका और पलामू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों के विस्तार की योजना है. दोनों संस्थानों में सदर अस्पताल को सम्मिलित करते हुए कुल 1,000-1,000 बिस्तरों की व्यवस्था करने के साथ MBBS सीटें बढ़ाने और स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों के विस्तार की तैयारी है. दुमका मेडिकल कॉलेज के विकास पर करीब 375 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.
इस संबंध में शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई. अपर मुख्य सचिव के कार्यालय कक्ष में हुई बैठक में स्वास्थ्य आधारभूत संरचना के विकास से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई. बैठक में विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, संयुक्त सचिव ललित कुमार शुक्ला सहित विभाग के कई पदाधिकारी मौजूद थे.
दुमका मेडिकल कॉलेज में 1000 बेड की योजना
बैठक में दुमका के पीजे मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के विकास की विस्तृत योजना पर चर्चा हुई. बताया गया कि करीब 100 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाले इस संस्थान में वर्तमान में उपलब्ध 500 बिस्तरों के साथ सदर अस्पताल को सम्मिलित करते हुए कुल 1,000 बिस्तरों की व्यवस्था की जाएगी.
मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में MBBS की 100 सीटें हैं, जिन्हें बढ़ाकर 200 करने का प्रस्ताव है. इसके अलावा PG की 150 सीटों की व्यवस्था करने की योजना है. परियोजना पर करीब 375 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.
अपर मुख्य सचिव ने मेडिकल कॉलेज परिसर में PPP के आधार पर PG विद्यार्थियों के लिए छात्रावास और अतिथिगृह बनाने का निर्देश दिया. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और संस्थान में आने वाले अतिथियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है.
पलामू मेडिकल कॉलेज में भी 1000 बेड की योजना
बैठक में पलामू स्थित एमआर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के विकास पर भी चर्चा हुई. यह संस्थान करीब 75 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा. बैठक में बताया गया कि दुमका और पलामू, दोनों मेडिकल कॉलेजों के लिए भूमि उपलब्ध हो गई है.
पलामू मेडिकल कॉलेज में भी सदर अस्पताल को सम्मिलित करते हुए कुल 1,000 बिस्तरों की व्यवस्था करने की योजना है. साथ ही स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा की सीटों में वृद्धि के प्रस्ताव पर चर्चा की गई. PG पाठ्यक्रमों के लिए 150 सीटों की व्यवस्था करने की योजना भी बैठक में रखी गई.
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हजारीबाग समेत अन्य मेडिकल कॉलेजों की भी समीक्षा
बैठक में हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के विकास पर भी विचार-विमर्श किया गया. इसके तहत करीब 75 से 100 एकड़ भूमि में अस्पताल और संबंधित आधारभूत संरचनाओं के विकास की योजना पर चर्चा हुई.
इसके अलावा देवघर, रांची, लोहरदगा और चाईबासा के मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध सुविधाओं और आधारभूत संरचना के विकास से जुड़े विषयों की भी समीक्षा की गई. बैठक में दुमका के पीजे मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, पलामू के एमआर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सहित राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों के विकास पर चर्चा हुई.
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मेडिकल कॉलेजों में चलेंगी विद्युत बसें
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने सभी मेडिकल कॉलेजों में विद्युत बसें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. इसका उद्देश्य अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक आवागमन में सुविधा देना है. उन्होंने जमशेदपुर सहित अन्य तीन मेडिकल कॉलेजों में भी बसें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. इस पहल से बड़े अस्पताल परिसरों में मरीजों, विशेषकर बुजुर्गों और चलने-फिरने में कठिनाई का सामना करने वाले लोगों को एक विभाग से दूसरे विभाग तक पहुंचने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है.
बैठक में राज्य के मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षा की क्षमता बढ़ाने, अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या का विस्तार करने, छात्रावास और अतिथिगृह जैसी सुविधाएं विकसित करने तथा मरीजों के आवागमन को सुगम बनाने पर जोर दिया गया. इन प्रयासों का उद्देश्य झारखंड में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के आधारभूत ढांचे को और मजबूत करना है.