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3-4 अक्टूबर को MP में लगेंगे ‘सेवा सेतु’ कैंप:पात्र लोगों को गांव-वार्ड में मिलेंगी सरकारी सेवाएं, 25 से ज्यादा स्टॉल लगेंगे
मध्य प्रदेश में आम लोगों को सरकारी योजनाओं और राजस्व विभाग की सेवाएं उनके गांव और वार्ड के नजदीक उपलब्ध कराने के लिए ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ शुरू किया जा रहा है। राजस्व विभाग ने 24 सितंबर को इसके विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 3 अक्टूबर को सभी विकासखंडों में ग्रामीण क्षेत्रों और 4 अक्टूबर को नगरीय क्षेत्रों में वार्ड/जोन स्तर पर मेगा शिविर लगाए जाएंगे। दोनों दिन शिविर सुबह 11 से शाम 4 बजे तक चलेंगे। अभियान में किसानों, ग्रामीणों, श्रमिकों, महिलाओं और वंचित वर्गों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने के बजाय एक ही जगह विभिन्न विभागों की योजनाओं और सेवाओं का लाभ देने की व्यवस्था रहेगी। राजस्व विभाग इसकी नोडल भूमिका में रहेगा। 3 अक्टूबर को ब्लॉक, 4 को नगरीय क्षेत्रों में कैंप पहले रजिस्ट्रेशन, फिर संबंधित विभाग में आवेदन कैंप में पहुंचने वाले हितग्राहियों का सबसे पहले रजिस्ट्रेशन होगा। इसके लिए तीन रजिस्ट्रेशन स्टॉल बनाए जाएंगे, जहां कंप्यूटर ऑपरेटर तैनात रहेंगे। इसके बाद संबंधित विभाग के स्टॉल पर आवेदन और दस्तावेजों की जांच होगी। पात्रता पूरी होने और प्रक्रिया मौके पर पूरी होने की स्थिति में योजना का लाभ वहीं स्वीकृत या वितरित किया जाएगा। प्रत्येक विभाग के अधिकारी-कर्मचारी अपने निर्धारित स्टॉल पर मौजूद रहेंगे। किसी ब्लॉक में संबंधित विभाग का अधिकारी पदस्थ नहीं होने पर कलेक्टर अपने स्तर से उसकी ड्यूटी लगाएंगे। कम से कम 25 स्टॉल, स्वास्थ्य कैंप भी अनिवार्य हर बड़े शिविर में विभिन्न विभागों की सेवाओं के लिए कम से कम 25 सुसज्जित स्टॉल लगाए जाएंगे। कैंप में केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं की प्रदर्शनी भी होगी। इसके अलावा स्वास्थ्य शिविर लगाना अनिवार्य किया गया है। कैंप में बिजली और जनरेटर बैकअप, कंप्यूटर-इंटरनेट, पेयजल, महिला और पुरुषों के लिए अलग बायो-टॉयलेट, साफ-सफाई, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, पार्किंग और लाइटिंग की व्यवस्था भी रहेगी। तकनीकी समस्याओं के तत्काल समाधान और रियल टाइम निगरानी के लिए केंद्रीय कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। 20 हजार शिकायतों का भी निराकरण होगा शिविरों में केवल नए आवेदकों को ही लाभ नहीं दिया जाएगा। विभागों को पहले से योजनाओं का लाभ ले रहे हितग्राहियों, शेष पात्र लोगों और वार्षिक लक्ष्य से बचे पात्र हितग्राहियों की अलग-अलग सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पात्र होने के बावजूद योजना से वंचित लोगों की पहचान की जाएगी। वेतन, पेंशन, राजस्व सेवाओं समेत अलग-अलग विभागों से जुड़ी समस्याओं का भी मौके पर निराकरण किया जाएगा। कैंपों में प्राप्त आवेदनों, मौके पर स्वीकृत मामलों, लंबित प्रकरणों और वितरित हितलाभों की रिपोर्ट रोज शाम 6 बजे तक राज्य पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। कलेक्टर से लेकर जनपद CEO तक जिम्मेदारी ग्रामीण क्षेत्रों में कैंप के प्रभारी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी होंगे। नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर पालिका में मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा नगर निगम के जोन में जोनल अधिकारी प्रभारी रहेंगे। प्रत्येक जिले में कलेक्टर नोडल और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे। कैंप की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए समाचार पत्र, केबल नेटवर्क, सोशल मीडिया, मुनादी, कोटवारों की उद्घोषणा, लाउडस्पीकर और दीवार लेखन का सहारा लिया जाएगा। यह अभियान ‘सेवा संकल्प अभियान’ का हिस्सा है, जो 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चल रहा है। इसे ‘जन-विश्वास अभियान’ से भी जोड़ा गया है। सरकार के निर्देशों के अनुसार अभियान का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को लोगों के करीब पहुंचाना और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाना है।