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जमशेदपुर हादसे के बाद सड़क सुरक्षा पर सवाल, सड़कों पर खड़े वाहनों पर पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई कितनी प्रभावी?

टोली
रांची. जमशेदपुर के मरीन ड्राइव पर गुरुवार तड़के हुए एक सड़क हादसे में राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की छोटी बेटी तृषा सिंह समेत चार बच्चों की मौत हो गयी. चारों बच्चे एक कार में सवार थे, जो बीच सड़क पर खड़े ट्रक में पीछे से टकरा गयी.
जानकारी के अनुसार, एक भारी ट्रक बुधवार रात करीब 10 बजे से ही ब्रेकडाउन होने के कारण मरीन ड्राइव की बीच सड़क पर लावारिस हालत में खड़ा था. इस हादसे ने एक बार फिर राज्य की सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों पर सवाल खड़े कर दिये हैं.
रांची में भी सड़कों के किनारे खड़े मिलते हैं भारी वाहन
राजधानी रांची के शहरी इलाके व आसपास के नेशनल व स्टेट हाइवे पर हालात और भी खराब हैं. 'मोटर वाहन अधिनियम' के तहत हाइवे पर गाड़ी खड़ी कर के छोड़ देना गंभीर दंडनीय अपराध है. सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस पर सख्ती बरतने का आदेश दिया है.
नियमानुसार, अगर कोई बड़ा वाहन ऐसे ही हाइवे पर छोड़ देता है, तो उस पर 1500 रुपये तक जुर्माना लगाने का प्रावधान है. खराब गाड़ी को बीच सड़क पर बिना लाइट रिफ्लेक्टर के छोड़ने पर 5000 रुपये तक दंड का प्रावधान किया गया है. वहीं, छह माह से एक साल जेल भेजने का भी प्रावधान है.
खादगढ़ा, बूटी मोड़ और जुमार पुल के पास दिखी लापरवाही
गुरुवार को '' की टीम ने राजधानी के विभिन्न इलाकों का जायजा लिया. इस दौरान खादगदा बस स्टैंड के निकट, बूटी मोड़ के आगे जुमार पुल के पहले और बाद में बड़ी-बड़ी गाड़ियां सड़कों के किनारे खड़ी पायी गयीं. कई गाड़ियां तो ऐसी जगह पर खड़ी थीं, जहां तीखा मोड़ है. जुमार पुल के आगे यात्री बसों ने अवैध स्टैंड बना लिया है.
आश्चर्य की बात है कि ट्रैफिक पुलिस ने भी इस अवैध स्टैंड के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी तैनात कर दिया है. यहां पर बसों को चालक ऐसे घुमाते हैं कि कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है. जबकि, बूटी मोड़ की और बढ़ने पर मनन विद्या स्कूल तक बड़ी-बड़ी जेसीबी, ट्रक सहित कई गाड़ियां घंटों खड़ी रहती है. लेकिन, इस पर कोई रोक-टोक नहीं है.
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मुख्य सचिव और सचिव ने दिया था हाइवे पेट्रोलिंग बढ़ाने का निर्देश
कुछ समय पहले राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने सभी जिलों को पत्र लिख कर हाइवे ट्रैफिक बढ़ाने का निर्देश दिया था. जिला परिवहन पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि वे पुलिस बल के साथ पेट्रोलिंग करें. यह सुनिश्चित करें कि किसी भी हाल में हाइवे या मुख्य सड़कों पर वाहन खड़ा न रहे, जिससे दुर्घटना की संभावना बने.
वहीं, परिवहन विभाग के सचिव राजीव रंजन ने भी सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों को उक्त निर्देश का सख्ती से पालन करने को कहा था.
हादसे के बाद परिवहन विभाग ने बढ़ायी सख्ती
इधर, गुरुवार को जमशेदपुर में हुए सड़का हादसे में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की पुत्री की मौत की घटना के बाद परिवहन विभाग ने सख्ती बढ़ाने का निर्णय लिया है. विभागीय सचिव ने सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों को हाइवे पर पेट्रोलिंग और सख्त करने को कहा है. निर्देश दिया है कि हाइवे के किनारे जहां भी होटल या ढावा है और जिनके पास पार्किंग की व्यवस्था नहीं है, उन्हें चिह्नित किया जाये. यह सुनिश्चित किया जाये कि किसी भी हाल में वहां गाड़ियां खड़ी न हों.
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