Friday, 25 September 2026
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शुद्धिकरण विवाद थमा, अब डैमेज कंट्रोल से ‘हैट्रिक मिशन’ तक; 2027 के लिए भाजपा ने तेज किया ऐक्शन

INT News25 September 2026 at 08:50 am

बृजेंद्र मेहता, हल्द्वानीउत्तराखंड में 2027 की चुनावी तैयारी अब भाषणों से आगे बढ़कर डैमेज कंट्रोल और बड़े फैसलों की राजनीति तक पहुंचती दिखाई दे रही है। पिछले कुछ हफ्तों के घटनाक्रम को एक साथ देखें तो सरकार ने जहां असंतोष वाले मुद्दों पर तत्काल फैसले किए, वहीं भाजपा संगठन ने नितिन नवीन के हल्द्वानी दौरे के बाद उन फैसलों और जनसंपर्क को चुनावी रणनीति से जोड़ने की कवायद तेज कर दी है।इसका सबसे ताजा और बड़ा उदाहरण सोमवार को नैनीताल के ज्योलीकोट क्षेत्र में बरती गई लापरवाही पर एक्शन है, जहां प्रदेश सरकार ने सख्ती दिखाते हुए दूषित पेयजल मामले में जल संस्थान के प्रभारी अधीक्षण अभियंता समेत जल संस्थान और पेयजल निगम के छह इंजीनियरों को निलंबित किया गया। वहीं, इसी दिन रुद्रपुर में चोरी मामले में आबकारी दरोगा समेत चार कर्मचारियों की गिरफ्तारी और दो पर निलंबंन की कार्रवाई ने भी सरकारी तंत्र में जवाबदेही का संदेश दिया। इतना ही नहीं कुछ दिनों के भीतर ही मेडिकल इंटर्न के आंदोलन के बीच स्टाइपेंड बढ़ाया गया, दसवीं और बारहवीं के करीब सवा दो लाख विद्यार्थियों के लिए टैबलेट की घोषणा हुई और छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं को 50 फीसदी प्रतिनिधित्व का फैसला सामने आया, जिससे साफ हो चुका है कि भाजपा जीत हैट्रिक लगाने में कोई कोर कसर छोड़ने को कतई तैयार नहीं है।प्रदेश कार्यसमिति के बाद संगठन और सरकार चुनावी तैयारियों को धार देने में जुटे हैं। सेवा संकल्प अभियान के जरिए कार्यकर्ता गांव-गांव और बूथ तक पहुंच रहे हैं। 23 हारी सीटों पर रात्रि प्रवास का ड्राफ्ट तैयार है, जिसे एक माह में लागू किया जाएगा। पार्टी हैट्रिक के लक्ष्य के साथ मैदान में है। - तरुण बंसल, प्रदेश महामंत्री, भाजपाशुद्धीकरण विवाद थमा, अब ‘फैसलों’ पर जोरसितंबर की शुरुआत में हल्द्वानी में कांग्रेस की सभा के बाद रामलीला मैदान के शुद्धीरण को लेकर राजनीतिक विवाद गरमाया। इसी माह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के हल्द्वानी दौरे ने संगठन की दिशा बदलने का संकेत दिया। विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति के बाद पार्टी ने 2022 में हारी 23 सीटों पर मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं के रात्रि प्रवास की योजना बनाई। यानी अब विवादों को लंबा खींचने के बजाय सीधे उस जमीन पर जाने की रणनीति है जहां भाजपा को पिछली बार नुकसान हुआ था।‘सेवा संकल्प’ से बूथ तक पहुंचसंगठन ने 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान को भी जनसंपर्क के बड़े माध्यम के रूप में आगे बढ़ाया है। कार्यकर्ताओं के मोहल्लों से अंतिम गांव तक पहुंचने, विभिन्न सामाजिक समूहों से संवाद करने और सरकार की योजनाओं का फीडबैक लेने पर जोर है।जेन-जी और जेन एल्फा को टैबलेटबीती 18 सितंबर को मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन में सरकारी स्कूलों के 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैबलेट खरीदने के लिए डीबीटी से राशि देने की घोषणा हुई। सरकार अब केवल छात्र संगठनों से नहीं, सीधे विद्यार्थियों और उनके परिवारों तक पहुंच बनाने पर भी जोर दे रही है।महिला वोट बैंक पर लगातार फैसलेमहिला स्वरोजगार ऋण की सीमा बढ़ाने जैसे फैसलों से साफ है कि सरकार महिला वोट बैंक पर भी प्राथमिकता से ध्यान दे रही है। इसके अलावा छात्रसंघ चुनावों में छात्राओं के लिए 50 फीसदी पद आरक्षित करने का शासनादेश जारी हो चुका है।