समाचार · हरियाणा
नमामि गंगे कार्यक्रम; गंगा-यमुना प्रदूषण पर CPCB सख्त:हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिए कड़े निर्देश, उघोगों पर कड़ा एक्शन होगा
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत गंगा और यमुना नदी में प्रदूषण फैलाने वाले अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों के खिलाफ वार्षिक निरीक्षण अभियान 2026 शुरू किया है। इस संदर्भ में सीपीसीबी के सदस्य सचिव भरत कुमार शर्मा ने जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम के तहत हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) को सख्त निर्देश जारी किए हैं। ये हैं सीपीसीबी के मुख्य निर्देश IIT और NIT के विशेषज्ञ करेंगे उद्योगों की जांच सीपीसीबी ने जून से दिसंबर 2026 के बीच उद्योगों के अचानक निरीक्षण के लिए देश के 26 प्रमुख तकनीकी संस्थानों को अधिकृत किया है। इनमें आईआईटी दिल्ली, आईआईटी रुड़की, एनआईटी कुरुक्षेत्र/दिल्ली, जामिया मिल्लीया इस्लामिया, गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (हिसार) और आईसीएआर-एनडीआरआई (करनाल) जैसे प्रमुख संस्थान शामिल हैं। ये विशेषज्ञ टीम राज्य प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों के साथ मिलकर GPI इकाइयों की निष्पक्ष जांच करेंगी।