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गोरखपुर में बदलने वाली है इस जगह की सूरत, जमीन के नीचे खड़ी होंगी 80 गाड़ियां, जानें पूरा प्लान

UP News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में खरीदारी और पार्किंग की सुविधाएं बेहतर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. शहर के इंदिरा बाल विहार में पुराने व्यावसायिक परिसर की जगह आधुनिक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना है. खास बात यह है कि यहां जमीन के नीचे एक साथ 80 चार पहिया वाहन खड़े किए जा सकेंगे. पार्किंग का कुछ हिस्सा बच्चों के पार्क के नीचे तक होगा. इसके अलावा पुराने दुकानदारों को भी नई दुकानें मिलेंगी. गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है. चयनित फर्म को अधिकतम दो साल में निर्माण पूरा करना होगा.
1660 वर्गमीटर में विकसित होगा नया कॉम्प्लेक्स
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) इंदिरा बाल विहार के पुराने व्यावसायिक निर्माण को हटाकर नया परिसर विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है. इसके लिए करीब 1660 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले व्यावसायिक भूखंड का पुनर्विकास किया जाएगा. जीडीए की ओर से जारी रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) के अनुसार, चयनित फर्म को अपने खर्च पर परिसर की नई डिजाइन तैयार करनी होगी. इसके अलावा निर्माण के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने, जरूरी स्वीकृतियां लेने और प्राधिकरण से नक्शा पास कराने की जिम्मेदारी भी उसी की होगी. निर्माण कार्य लागू भवन उपविधियों के अनुसार करना होगा.
पार्क के नीचे तक बनेगी 80 गाड़ियों की पार्किंग
नए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में पार्किंग की समस्या को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था प्रस्तावित है. बेसमेंट में 80 चार पहिया वाहनों को खड़ा करने की सुविधा विकसित की जाएगी. पार्किंग का कुछ हिस्सा इंदिरा बाल विहार पार्क के नीचे तक बनाया जाएगा. इस पार्किंग के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी चयनित फर्म की होगी. फर्म को दैनिक शुल्क या मासिक पास के आधार पर पार्किंग शुल्क वसूलने का अधिकार भी मिलेगा. इससे यहां आने वाले लोगों को वाहन खड़ा करने के लिए व्यवस्थित जगह उपलब्ध हो सकेगी.
पुराने दुकानदारों को मिलेंगी 10 नई दुकानें
इस परियोजना में पुराने आवंटियों के हितों का भी ध्यान रखा गया है. नए कॉम्प्लेक्स के भूतल पर 10 दुकानें बनाई जाएंगी. प्रत्येक दुकान का कारपेट एरिया 150 वर्गफुट होगा. चयनित फर्म को इन दुकानों का निर्माण कर बिना किसी शुल्क के जीडीए को हस्तांतरित करना होगा. इसके बाद प्राधिकरण इन्हें पुराने आवंटियों को आवंटित करेगा. इन दुकानों से मिलने वाले किराये की वसूली जीडीए करेगा. निर्माण के दौरान पुराने दुकानदारों का कारोबार प्रभावित न हो, इसके लिए नई दुकानें मिलने तक अस्थायी व्यवस्था भी करनी होगी.
बिजली-पानी और सीवर की भी होगी व्यवस्था
नए व्यावसायिक परिसर में दुकानों के साथ बिजली, पानी, सीवर और कचरा प्रबंधन जैसी जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इनके नियमित संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी चयनित फर्म को निभानी होगी. बिजली-पानी समेत अन्य सुविधाओं के बिलों का भुगतान भी फर्म को करना होगा. इसके अलावा फायर एनओसी और निर्माण से जुड़ी सभी जरूरी अनुमतियां लेने की जिम्मेदारी भी उसी की होगी.
900 वर्गमीटर के पार्क का भी होगा कायाकल्प
शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के साथ इंदिरा बाल विहार पार्क को भी बेहतर बनाने की योजना है. करीब 900 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले पार्क का उन्नयन और रखरखाव भी परियोजना में शामिल किया गया है. हालांकि, पार्क में किसी भी तरह का व्यावसायिक निर्माण या गतिविधि करने की अनुमति नहीं होगी. इसका संचालन मास्टर प्लान और भवन उपविधियों के अनुसार करना होगा. पार्क में प्रवेश के लिए जीडीए की ओर से निर्धारित दर पर टिकट शुल्क लिया जा सकेगा.
15 साल का लाइसेंस, पांच साल बढ़ाने का विकल्प
परियोजना के तहत चयनित फर्म को 15 साल के लिए लाइसेंस दिया जाएगा. संतोषजनक प्रदर्शन होने पर इसकी अवधि पांच साल तक बढ़ाई जा सकेगी. जीडीए को हस्तांतरित होने वाली 10 दुकानों को छोड़कर बाकी व्यावसायिक स्थानों की मार्केटिंग और उन्हें किराये पर देने का अधिकार लाइसेंसधारी फर्म को मिलेगा.
दो साल में पूरा करना होगा निर्माण
जीडीए ने नए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए अधिकतम दो साल की समयसीमा निर्धारित की है. चयनित फर्म को इस अवधि में निर्माण के साथ जरूरी सुविधाएं भी विकसित करनी होंगी. परियोजना पूरी होने के बाद इंदिरा बाल विहार में खरीदारी और पार्किंग की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है. इससे स्थानीय दुकानदारों और ग्राहकों दोनों को सहूलियत मिल सकेगी.
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