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दिल्ली के गुरुद्वारे में पुलिस की एंट्री पर भड़के संधवां:कहा-गुरुघर में धार्मिक मर्यादा का पालन जरूरी; प्रदर्शन में शामिल युवा देशविरोधी नहीं
दिल्ली में वोट चोरी के विरोध में किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए सैकड़ों प्रदर्शनकारियों द्वारा ऐतिहासिक गुरुद्वारा बंगला साहिब में शरण लेने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस दौरान दिल्ली पुलिस के कर्मचारियों द्वारा जूते पहनकर और नंगे सिर गुरुद्वारा साहिब परिसर में प्रवेश करने की घटना की फरीदकोट में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कड़े शब्दों में निंदा की है। स्पीकर संधवां ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब सिख धर्म का पवित्र धार्मिक स्थल है और वहां प्रवेश करने के लिए निर्धारित धार्मिक मर्यादा का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा जूते पहनकर और नंगे सिर गुरु घर में प्रवेश करना बेहद गंभीर और निंदनीय घटना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस मामले की जांच करवाकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की। संधवां ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने देने के बजाय हिरासत में लिया जा रहा है और जेलों में भेजा जा रहा है। प्रदर्शन में शामिल युवा देश विरोधी नहीं उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल युवा देश विरोधी नहीं हैं, बल्कि वे अपनी मांगों और अधिकारों को लेकर आवाज उठा रहे थे। लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही आवाज को दबाने के लिए पुलिस कार्रवाई करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। धार्मिक स्थल की मर्यादा का करें सम्मान स्पीकर संधवां ने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल की मर्यादा और पवित्रता का सम्मान करना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से इस घटना का संज्ञान लेते हुए दोषी पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।