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पठानकोट पुलिस ने नशे के हॉटस्पॉट पर चलाया सर्च:DIG-SSP के नेतृत्व में 200 से अधिक जवानों ने घेरा इलाका, चप्पे-चप्पे को खंगाला
‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत पठानकोट पुलिस ने कार्रवाई शहर के सबसे संवेदनशील और नशे के हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित इलाकों में शुमार ‘चार मल्ला क्वार्टर’ में पुलिस प्रशासन ने 'कासो' अभियान चलाया। चेकिंग अभियान की कमान खुद डीआईजी बलजोत सिंह राठौड़ और एसएसपी पठानकोट मनप्रीत सिंह ने संभाली। करीब 200 से अधिक सशस्त्र पुलिस अधिकारियों व जवानों की बैकअप टीमों ने तड़के ही पूरे इलाके की किलेबंदी कर दी और हर संदिग्ध कोने व घरों की गहनता से तलाशी ली। 200 जवानों की कई टीमों ने की डोर-टू-डोर चेकिंग कार्रवाई के दौरान पुलिस टीमों ने पूरे चार मल्ला क्वार्टर इलाके के प्रवेश व निकास द्वारों को पूरी तरह से सील कर दिया, जिससे किसी भी संदिग्ध को भागने का मौका न मिले। इसके बाद महिला पुलिस कर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पुलिस की कई टुकड़ियों ने घरों के अंदर जाकर कोने-कोने की जांच की और संदिग्धों से पूछताछ की। इस दौरान इलाके में भारी पुलिस बल को देखकर हड़कंप का माहौल रहा, जबकि आम निवासियों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया। दोहरे राज्यों की सीमाओं पर पुलिस की कड़ी नजर: DIG बलजोत सिंह राठौड़ कार्रवाई के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए डीआईजी बलजोत सिंह राठौड़ ने स्पष्ट किया कि पठानकोट एक अत्यंत संवेदनशील और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सीमावर्ती जिला है। इसकी सीमाएं हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे दो पड़ोसी राज्यों से सटी हुई हैं, जिस वजह से यहां पुलिस पर नशे और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने की दोहरी जिम्मेदारी है। डीआईजी राठौड़ ने कहा कि पंजाब सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत नशे की सप्लाई चेन को पूरी तरह से ध्वस्त करने के लिए लगातार ऐसे विशेष सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं[video_1.mp4]। हमारा एकमात्र मकसद नशे की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाना और इस अवैध धंधे में शामिल बड़े से बड़े तस्करों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करना है। नशा बेचने और इसमें संलिप्त लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय लोगों के साथ बैठकें कर फैलाएंगे जागरूकता डीआईजी ने आगे जानकारी दी कि हॉटस्पॉट इलाकों में केवल छापेमारी ही नहीं होगी, बल्कि पुलिस स्थानीय निवासियों के साथ लगातार बैठकें और सेमिनार भी आयोजित करेगी। लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा और उन्हें अपने इलाकों को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस का सहयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा