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सागर में मां की हत्या, बेटे को मृत्युदंड;डीएनए बना सबूत:पिता कोर्ट में मुकर गए, डीएनए और फिंगर प्रिंट से संतोष लोधी दोषी साबित हुआ
सागर के विनायका थाना क्षेत्र के ग्राम रोड़ा में जुलाई 2025 में 50 वर्षीय मां की हत्या करने वाले आरोपी बेटे संतोष लोधी (26) को बंडा न्यायालय ने मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरएल शाक्य ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए अपराध को जघन्यतम श्रेणी का मानते हुए आरोपी को दोषसिद्ध किया। खास बात यह रही कि मामले में मृतका के पति और आरोपी के पिता ही फरियादी थे, लेकिन न्यायालयीन कार्रवाई के दौरान वे आरोपी के पक्ष में बयान देकर मुकर गए। इसके बावजूद पुलिस की जांच में जुटाए गए भौतिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपराध सिद्ध हुआ। पिता मुकर गए, साक्ष्यों के आधार पर दोषसिद्धि प्रकरण में मृतका के पति और आरोपी के पिता फरियादी थे। न्यायालयीन कार्रवाई के दौरान फरियादी ने आरोपी के पक्ष में बयान दिए। इसके बावजूद अभियोजन पक्ष ने जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष मजबूती से रखा। मृतका के शरीर से मिले जैविक साक्ष्य आरोपी के डीएनए से मैच हुए। वहीं घटनास्थल से मिले फिंगर प्रिंट भी आरोपी से मैच हुए। इन साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपराध सिद्ध हुआ। विरोध किया तो पत्थर और कुल्हाड़ी से हमला घटना 19-20 जुलाई 2025 की दरम्यानी रात ग्राम रोड़ा की है। मृतका का पति अपनी बेटी को लेने छतरपुर गया था। घर पर उसकी पत्नी और इकलौता बेटा संतोष मौजूद थे। 20 जुलाई को पति वापस लौटा तो घर में पत्नी का लहूलुहान शव मिला। घटना के बाद से संतोष घर से फरार था। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी मां के साथ गलत काम करने का प्रयास किया था। मां ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने पत्थर और कुल्हाड़ी से हमला कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद इंदौर भागा, बांदरी-मालथौन रोड से पकड़ा घटना के बाद आरोपी इंदौर भाग गया था। विनायका पुलिस ने उसकी तलाश करते हुए उसे बांदरी-मालथौन रोड से गिरफ्तार किया। प्रकरण की जांच थाना प्रभारी विनायका उप निरीक्षक भूपेंद्र विश्वकर्मा ने की। उन्होंने घटनास्थल से भौतिक और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के साथ आरोपी की गिरफ्तारी और प्रकरण को मजबूत करने के लिए लगातार कार्रवाई की। अपराध को जघन्यतम श्रेणी का माना अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरएल शाक्य ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन के तर्कों के आधार पर संतोष लोधी को दोषी ठहराया। कोर्ट ने अपराध को जघन्यतम श्रेणी का मानते हुए आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुनाई। प्रकरण में अभियोजन की ओर से अतिरिक्त अभियोजन अधिकारी संजय पटेल ने पैरवी की।