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पानीपत कोर्ट में फर्जी दस्तावेजों से जमानत का खेल:अदालतों के आदेश पर दो FIR दर्ज, यूपी की जमीन भी कुर्क करने के निर्देश
पानीपत की अदालतों में फर्जी दस्तावेज, कूटरचित आधार कार्ड और नाम बदलकर आरोपियों की जमानत करवाने वाले गंभीर रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। अदालत में पेश किए गए आधार कार्डों की UIDAI द्वारा जांच कराए जाने पर उनके फर्जी होने की पुष्टि हुई। अदालती आदेशों की अवहेलना और धोखाधड़ी पर सख्त संज्ञान लेते हुए पानीपत की दो अलग-अलग अदालतों ने फर्जी जमानतियों, गवाहों और फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए हैं। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर तुरंत दो अलग-अलग मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहला मामला: आरोपी राहुल की जमानत में फर्जी आधार कार्ड और दस्तावेज लगाए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) अंबरदीप सिंह की अदालत से प्राप्त आदेश के अनुसार, दुष्कर्म मामले का आरोपी राहुल अदालत से जमानत मिलने के बाद से गैरहाजिर चल रहा है और उसकी जमानत रद्द की जा चुकी है। दूसरा मामला: UIDAI की जांच में पकड़ा गया फर्जी आधार कार्ड, यूपी में संपत्ति कुर्की के आदेश JMIC विकास वर्मा की अदालत में चल रहे मुकदमे (स्टेट बनाम शीलू आदि) में भगोड़ा घोषित आरोपी सौरभ निवासी शामली, हाल निवासी सेक्टर-12, पानीपत की जमानत कराने में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। पेशेवर फर्जी जमानती गिरोह पर पुलिस का कसता शिकंजा पानीपत पुलिस अब दोनों मामलों में अदालतों को गुमराह करने वाले अज्ञात बहुरूपियों, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह और उनसे जुड़े दलालों की तलाश में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूर्व में भी इस तरह के प्रोफेशनल जमानतियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।