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भारत में तरंग शक्ति अभ्यास में पहली बार हिस्सा लेगा अमेरिकी F-35, जानें इसकी खासियत

INT News29 September 2026 at 10:27 am

F-35A Fighter Jet: भारत में आयोजित बहुराष्ट्रीय वायुसेना अभ्यास Tarang Shakti 2026 में अमेरिकी वायुसेना के अत्याधुनिक F-35A Lightning II लड़ाकू विमान पहली बार शामिल हुए हैं. राजस्थान के जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर चल रहे इस अभ्यास में F-35A की भारत में यह पहली परिचालन भागीदारी है.

अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में F-35A की भागीदारी को रेखांकित किया. दूतावास ने कहा कि ये विमान Tarang Shakti में भारत में पहली बार अभ्यास कर रहे हैं. दूतावास के मुताबिक, F-35 में स्टील्थ तकनीक, अत्याधुनिक सेंसर और सूचनाओं के आदान-प्रदान की क्षमता है, जिससे भारतीय वायुसेना और अन्य साझेदार देशों के साथ प्रशिक्षण के नए अवसर पैदा होंगे.

अमेरिकी दूतावास ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से विभिन्न देशों की वायुसेनाओं के बीच समन्वय और परिचालन तैयारियों को मजबूत करने में मदद मिलेगी.

26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक चलेगा अभ्यास

Tarang Shakti 2026 का दूसरा संस्करण 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है. इस बार अभ्यास की थीम ‘Power in Partnership’ है. इसका उद्देश्य भाग लेने वाली वायुसेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाना, सामरिक अनुभव साझा करना और विभिन्न अभियानों में बेहतर तालमेल विकसित करना है.

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अभ्यास में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश सहित सात मित्र देश भाग ले रहे हैं. इसके अलावा कई अन्य देश पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल हैं.

F-35, राफेल और F-16 समेत कई अत्याधुनिक विमान

अभ्यास में शामिल विदेशी वायुसेनाएं कई आधुनिक लड़ाकू और सहयोगी विमानों के साथ हिस्सा ले रही हैं. इनमें F-35 Lightning II, Rafale, F-16, A400M, MRTT, C-130, C-130J और KC-30A जैसे विमान शामिल हैं. इन विमानों के जरिए लड़ाकू अभियानों के साथ-साथ रणनीतिक एयरलिफ्ट और हवा में ईंधन भरने जैसी क्षमताओं का भी प्रदर्शन किया जा रहा है.

2024 के बाद दूसरा संस्करण

Tarang Shakti का पहला संस्करण 2024 में आयोजित हुआ था. मौजूदा अभ्यास में विभिन्न देशों की वायुसेनाएं भारतीय वायुसेना के अग्रिम पंक्ति के विमानों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण कर रही हैं. इसमें जटिल मिशन परिस्थितियों में संचालन, सामरिक अनुभव साझा करने और अलग-अलग वायुसेनाओं के बीच परिचालन तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है.

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अभ्यास के दौरान एयरक्रू, मिशन प्लानर और तकनीकी एवं सहयोगी स्टाफ के बीच पेशेवर संवाद को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. सुरक्षा प्रक्रियाओं, आपसी सीख और अलग-अलग संचालन पद्धतियों को समझने पर विशेष ध्यान दिया गया है.

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सैन्य अभ्यास के साथ कई अन्य कार्यक्रम

Tarang Shakti 2026 में केवल हवाई अभियानों को ही शामिल नहीं किया गया है. कार्यक्रम के तहत पेशेवर सेमिनार, भारतीय एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र की क्षमता को दिखाने वाले औद्योगिक दौरे, सेखों मैराथन, सांस्कृतिक विरासत स्थलों का भ्रमण और योग सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं.

अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न देशों की वायुसेनाओं के बीच आपसी समझ और सहयोग को बढ़ाना है. साथ ही, इसके जरिए भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमताओं और भारत की रक्षा कूटनीति के प्रति प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित किया जा रहा है.