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कांग्रेस की अंदरुनी कलह; सांसद Vs पूर्व CPS:जयप्रकाश बोले- कांग्रेस की पीठ में छूरा घोंपा, रामकिशन फौजी का जवाब-जेपी खुद गद्दार, बंसीलाल ने कहा था चंबल का डाकू
कांग्रेस में अंदरुनी कलह खुलकर सामने आने लगी है। इसकी शुरूआत भिवानी के बवानीखेड़ा में आयोजित कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन में हुई। इस दौरान हिसार के सांसद जयप्रकाश व बवानीखेड़ा से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे प्रदीप नरवाल ने पूर्व सीपीएस रामकिशन फौजी पर चुनाव में गद्दारी के आरोप लगाए थे। इस कार्यक्रम में रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे। उनकी मौजूदगी में लगे आरोपों को लेकर पूर्व सीपीएस रामकिशन फौजी ने भी करारा जवाब दिया और सांसद जयप्रकाश को गद्दार कहते हुए काली भेड़ से तुलना की। वहीं कहा कि जयप्रकाश को बंसीलाल चंबल की घाटी का डाकू करते थे। साथ ही प्रदीप नरवाल को भी बाहरी व्यक्ति होने का तमका दिया। सांसद ने कहा था-पार्टी की पीठ में छूरा घोंपा
हिसार लोकसभा के कांग्रेस के सांसद जयप्रकाश ने बवानीखेड़ा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान संबोधित करते हुए कहा था कि "मैं आज नाम नहीं लेना चाहता, 2 मित्र थे जो कांग्रेस पार्टी के थे। लेकिन रातों-रात दगा करके कांग्रेस पार्टी की खिलाफत की। जिन लोगों ने कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी व पूर्व विधायक रहते हुए या दूसरे पदों पर रहते हुए कांग्रेस पार्टी की पीठ में छूरा घोंपा है। मैं एक बात कह सकता हूं कि बवानीखेड़ा की धरती कभी जिंदगी में माफ नहीं करेगी। ऐसे लोगों से पीछा छुड़वाना है जिन्होंने भाजपा को लाने के लिए कांग्रेस में रहते हुए उनकी मदद की है। उनको भी सबक सिखाना है।" जयप्रकाश काली भेड़
इस पर पूर्व सीपीएस रामकिशन फौजी ने कहा कि "इससे बवानीखेड़ा के कार्यकर्ताओं में रोष है। शीर्ष नेतृत्व ने कांग्रेस को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके तहत बवानीखेड़ा में आयोजित कार्यक्रम में रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा, हिसार के सांसद जयप्रकाश व बवानीखेड़ा से कांग्रेस के प्रत्याशी प्रदीप नरवाल आदी नेता थे। वहां कांग्रेस की मजबूती की बात करनी चाहिए थी और भाजपा को हटाने की बात करनी थी। लेकिन वहां काली भेड़ें जयप्रकाश जी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को यह कह रहे हैं कि यह गद्दा है। मैं कांग्रेस पार्टी का ईमानदार कार्यकर्ता हूं। आज तक 5 चुनाव लड़े हैं, जिनमें से 4 चुनाव कांग्रेस से लड़े हैं। जयप्रकाश को जीताने में पार्टी के कार्यकर्ताओं व मेरा पूरा योगदान रहा है। जयप्रकाश ने मेरे ऊपर टिप्पणी नहीं कि यह बवानीखेड़ा की जतना पर टिप्पणी की है। जयप्रकाश तो वह आदमी है, जो जिस थाली में खाएगा, उसी में दगा करेगा। यह काली भेड़ है, यह कांग्रेस की कभी नहीं हो सकता। चौधरी बंसीलाल तो इसे कहा करते कि चंबल की घाटी का डाकू है यह। चौधरी देवीलाल के साथ रहा, उसके साथ दगा किया, विकास पार्टी में हमारे साथ रहा तो हमारे साथ दगा किया।" जयप्रकाश खुद गद्दार-फौजी
पूर्व सीपीएस रामकिशन फौजी ने कहा कि "बवानीखेड़ा में बाहर के व्यक्ति को टिकट दिलाई। सोनीपत के व्यक्ति ने यहां आकर टिकट दिलाई। पार्टी ने टिकट दे दी तो सिर-माथे। लोगों में नाराजगी थी और टिकट मिलने के बाद एक दिन भी वोट मांगने नहीं आया। मैं इस बात को हाईकमान के सामने रखूंगा। प्रदीप नरवाल यहां क्या मांगे। बवानीखेड़ा का कोई बच्चा नहीं है क्या जो यहां उम्मीदवार बने और चुनाव लड़े। मैंने अपने समय में काम किए हैं और कांग्रेस का कार्यकर्ता हूं। सांसद जयप्रकाश जीतने के बाद लोगों का धन्यवाद तक करने के लिए नहीं आया और यहां आकर मुझे गद्दार कहता है। गद्दार तो खुद है। प्रदीप नरवाल तो हमारे इलाके का नहीं है, गद्दार कैसे कह सकता है। अबकी बार चुनाव लड़कर दिखाए। उन्होंने कहा कि इनकी बुद्धि भ्रष्ट हो चुकी है। जब अपने कार्यकर्ता को गद्दार कहने लगे तो इससे बड़ा क्या कहूं।" दीपेंद्र को लेना चाहिए था संज्ञान
पूर्व सीपीएस रामकिशन फौजी ने कहा कि "दीपेंद्र हुड्डा की मौजूदगी में कहा तो उनको संज्ञान लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमारे खून में है। ऐसे-ऐसे लोग आएंगे और चले जाएंगे। हमे कांग्रेस में ही मरना है और कांग्रेस में ही जीना है। राहुल व खड़गे के आदेश को मानने वाले हैं। हरियाणा के निर्माता चौधरी बंसीलाल जी मुझे छोड़कर गए हैं और आखिरी जीवन कांग्रेस में ही रहेगा। 1968 में कांग्रेस जीती थी, उसके 37 साल के बाद 2005 में मैं कांग्रेस का उम्मीदवार जीता था। उन्हें 56-57 प्रतिशत के करीब वोट मिले थे। प्रदीप नरवाल यहां क्या मांगे, यह तो कांग्रेस पार्टी का उम्मीदवार था, उसके नाते मदद कर दी। यहां के व्यक्ति को ही टिकट मिलनी चाहिए, बाहर के व्यक्ति को टिकट नहीं मिलनी चाहिए।"