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पान मसाला विज्ञापन में फंसे अजय देवगन, नोटिस के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का खटखटाया दरवाजा

Ajay Devgn FDA Notice : बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन (Ajay Devgn) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. पान मसाला के विज्ञापन से जुड़े मामले में महाराष्ट्र (Maharashtra) के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने उन्हें नोटिस जारी किया था. अब अजय देवगन ने इस नोटिस के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उनकी याचिका 29 अक्टूबर को दाखिल की गई थी, जिस पर 4 नवंबर को सुनवाई होगी. इस मामले में शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ को भी FDA की ओर से नोटिस भेजा गया था. फिलहाल नोटिस पर आगे की कार्रवाई रोकने का कोई आदेश नहीं आया है.
विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर क्यों भेजा गया नोटिस?
आपको बता दें कि यह पूरा मामला विमल इलायची के विज्ञापन से जुड़ा है. महाराष्ट्र में पान मसाला और गुटखा जैसे उत्पादों पर रोक है. FDA का आरोप है कि इलायची के विज्ञापन के जरिए असल में विमल पान मसाला का प्रचार किया जा रहा है. इसे ही सरोगेट विज्ञापन कहा जाता है. इसी आरोप के आधार पर 11 अगस्त को अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ को नोटिस जारी किए गए थे. विज्ञापन में अजय देवगन का 'बोलो जुबां केसरी' वाला डायलॉग भी काफी चर्चा में रहा है. FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है.
अजय देवगन ने कोर्ट में क्या दलील दी?
ऐसे में अजय देवगन ने अपनी याचिका में कहा है कि उन्होंने पान मसाला या तंबाकू का नहीं, बल्कि इलायची का विज्ञापन किया है. इसलिए उनके विज्ञापन को पान मसाला के प्रचार से जोड़ना सही नहीं है. वहीं, FDA का पक्ष है कि ऐसे विज्ञापनों के जरिए प्रतिबंधित उत्पादों का अप्रत्यक्ष प्रचार किया जा सकता है. इससे पहले तीनों कलाकारों ने दिल्ली हाईकोर्ट में भी FDA के नोटिस को चुनौती दी थी, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी. कोर्ट ने कहा था कि इस मामले की सुनवाई का अधिकार महाराष्ट्र की अदालतों के पास है. अब अजय देवगन की याचिका पर 4 नवंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई होगी. फिलहाल FDA की ओर से जारी नोटिसों पर कार्रवाई जारी रहेगी.
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