Saturday, 31 October 2026
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हॉस्पिटल सेक्टर के 702 परिवारों को बेदखली का डर:विधायक देवेंद्र यादव के साथ कलेक्टर से मिले रहवासी; सेक्टर-9 में मकान देने की मांग

INT News30 October 2026 at 11:31 pm

भिलाई के हॉस्पिटल सेक्टर, वार्ड 69 में करीब 50 साल से रह रहे 702 परिवारों पर बेदखली का खतरा मंडरा रहा है। स्थायी मकान देने की मांग को लेकर बुधवार को रहवासी विधायक देवेंद्र यादव के नेतृत्व में कलेक्टर से मिलने पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से घर खाली कराने की कार्रवाई रोकने और रहने के लिए स्थायी व्यवस्था करने की मांग की। 50 साल से रह रहे परिवारों को घर छूटने की चिंता रहवासियों ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि हॉस्पिटल सेक्टर में करीब 702 परिवार पिछले 50 साल से रह रहे हैं। उनकी कई पीढ़ियां यहीं पली-बढ़ी हैं। परिवारों का कामकाज और बच्चों की पढ़ाई भी इसी इलाके से जुड़ी है। ऐसे में घर खाली करने की नौबत आने से लोग परेशान हैं। रहवासियों के मुताबिक, इनमें ज्यादातर परिवार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और मजदूर वर्ग से हैं। कई महिलाएं सेक्टर-9 स्थित भिलाई इस्पात संयंत्र के अस्पताल में सफाईकर्मी, वार्ड बॉय और दूसरे काम करती हैं। वहीं, कई पुरुष भी संयंत्र में सफाई और मजदूरी का काम करते हैं। ऐसे में यहां से हटने पर उनकी रोजी-रोटी पर भी असर पड़ेगा। 400 बच्चों की पढ़ाई पर पड़ सकता है असर रहवासियों ने बताया कि हॉस्पिटल सेक्टर और आसपास के सरकारी स्कूलों में करीब 400 बच्चे पढ़ते हैं। अगर परिवारों को यहां से हटाया गया तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। लोगों का कहना है कि घर और काम की जगह से दूर होने पर परिवारों के सामने कई तरह की परेशानियां खड़ी हो जाएंगी। छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के कला दास डहरिया ने कहा कि यह सिर्फ 702 मकानों का मामला नहीं है, बल्कि इन परिवारों के सम्मान, बच्चों की पढ़ाई और भविष्य का सवाल है। प्रशासन को इस मामले में मानवीय नजरिए से फैसला लेना चाहिए। 10 एकड़ जमीन देने की बात हुई थी रहवासियों ने बताया कि पहले भी स्थायी आवास के लिए कोशिश की गई थी। पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय और ताम्रध्वज साहू की भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारियों के साथ बैठक में 10 एकड़ जमीन देने पर सहमति बनने की बात कही गई थी। नगर निगम ने भी इस संबंध में बीएसपी प्रबंधन को पत्र लिखा था, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। रहवासियों ने इस प्रस्ताव पर हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी है। गड्ढे खोदने और क्वार्टर खाली करने के बोर्ड से बढ़ी चिंता सुंदरिया बाई साहू ने बताया कि इलाके में बीएसपी की ओर से गड्ढे खोदे जा रहे हैं और क्वार्टर खाली कराने के बोर्ड लगाए जाने की जानकारी मिल रही है। इससे परिवारों में डर है कि उन्हें कभी भी घर छोड़ने के लिए कहा जा सकता है। लोगों को समझ नहीं आ रहा कि घर छूटने पर वे कहां जाएंगे और काम कैसे करेंगे। सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित रहवासियों ने बताया कि बेदखली से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। अभी अगली सुनवाई की तारीख तय नहीं हुई है। उन्होंने कलेक्टर से मांग की कि जब तक रहने के लिए स्थायी मकान की व्यवस्था नहीं होती, तब तक घर खाली कराने की कार्रवाई रोकी जाए। इसके लिए प्रशासन, बीएसपी प्रबंधन और प्रभावित परिवारों की बैठक बुलाकर समय-सीमा में समाधान निकाला जाए। सेक्टर-9 में ही प्रधानमंत्री आवास देने की मांग विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि हॉस्पिटल सेक्टर के लोगों को बीएसपी की ओर से लगातार नोटिस मिल रहे हैं। यहां 724 क्वार्टरों में परिवार रह रहे हैं। उनकी मांग है कि इन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सेक्टर-9 हॉस्पिटल सेक्टर में ही मकान बनाकर दिए जाएं, ताकि उनका कामकाज और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि उन्हें सरकार और प्रशासन से सहयोग की उम्मीद है। अगर समाधान नहीं निकला तो वे कोर्ट में लड़ाई लड़ेंगे, जमीन के लिए संघर्ष करेंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन भी करेंगे।