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सिविल में ऑटो से उतरते ही महिला की डिलीवरी
| जालंधर इंसानियत और डॉक्टरों के तुरंत फैसले की एक मिसाल शहर के सिविल अस्पताल में देखने को मिली। प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला ने अस्पताल के लेबर रूम तक पहुंचने से पहले ही सड़क किनारे बच्चे को जन्म दे दिया। गर्भवती महिला सुशीला अपने परिवार के साथ डिलीवरी के लिए ऑटो में सवार होकर सिविल अस्पताल पहुंची थी। ऑटो से उतरकर जैसे ही वह अस्पताल की अंदर की ओर बढ़ने लगी, कृष्णा लैब के सामने तेज प्रसव पीड़ा के कारण सड़क पर ही बैठ गई। घटना के दौरान सिविल अस्पताल की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. वरिंदर कौर थिंद अपनी गाड़ी से गुजर रही थी, तभी महिला की स्थिति देखकर गाड़ी से उतर आईं। फौरन अस्पताल स्टाफ बुलवाया। और जच्चा-बच्चा को लेबर रूम में दाखिल कराया। अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, सुशीला ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया है। महिला के पहले से 4 बच्चे हैं और गुरुवार को उसने अपने 5वें बच्चे को जन्म दिया। इस संबंध में एमएस डॉ. नमिता घई ने भी बताया कि समय रहते महिला को लेबर रूम पहुंचाकर सही इलाज दे दिया गया था। सिविल अस्पताल के लेबर रूम में दाखिल महिला अपने बच्चे के साथ। 1400 रुपए देकर किराए पर लिया ऑटो : भाभी मैं सुशीला को घर से ऑटो में लेकर आई थी। हमें 108 एंबुलेंस सेवा के बारे में जानकारी नहीं थी, इसलिए मजबूरी में 1400 रुपए देकर ऑटो किराए पर करना पड़ा। लैब के बाहर पहुंचते ही सुशीला की डिलीवरी हो गई। डॉक्टर मैडम ने देखकर हमें संभाला और स्ट्रेचर पर सीधे लेबर रूम पहुंचाया। -सुनीता, पीड़िता की भाभी