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प्राचीन शिव मंदिर में भक्तों ने श्रद्धापूर्वक किया मां बगलामुखी महायज्ञ
जालंधर | प्राचीन शिव मंदिर दोमोरिया पुल, पुरानी रेलवे रोड में भक्तों ने मां बगलामुखी महायज्ञ श्रद्धापूर्वक किया। मुख्य पुरोहित पं. चक्र प्रशाद जोशी ने पहले सभी देवी-देवताओं का आह्वान करवाने के पश्चात नवग्रह पूजन करवाया। उपरांत वैदिक मंत्रोच्चारण से मां बगलामुखी जी का महायज्ञ किया। मां बगलामुखी के सिद्ध महामंत्र का उच्चारण कर महायज्ञ में आहुतियां डालीं। मान्यता है कि प्रदोष काल में शिव पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। गुरु प्रदोष व्रत को विशेष रूप से ज्ञान, सौभाग्य, संतान सुख और विवाह संबंधी मनोकामनाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन व्रती उपवास रखकर शाम के समय प्रदोष काल में शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित करते हैं। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक पूजा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। मां बगलामुखी जी की मंगल आरती के बाद प्रसाद बांटा। यहां पर प्राचीन शिव मंदिर प्रबंधक कमेटी के प्रधान यादव खोसला, लेखक रवि गुलशन, मानव बजाज, गोविंद खोसला, गुरचरण दास बजाज, साहिल शर्मा, रमेश सहदेव, सुनील सहदेव, मनीष रेहान, अश्विनी तुली, पुनीत शर्मा, दीपक झांजी, सर्वेश पाठक, राजेश महेंद्रू, जसमीत सिंह, अश्विनी यादव, प्रेम ढल्ला, आयुष यादव, विनय नैयर, नरेंद्र जैन, संदीप भगत और अन्य श्रद्धालु मौजूद थे।