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दंपती सेल्फॉस की गोली लेकर बिजली घर पहुंचे:20 हजार जमा करने के बाद भी 22 हजार का बिल आया, विदिशा में परेशान परिवार
विदिशा में बिजली के भारी-भरकम बिल से परेशान एक दंपती सोमवार को कथित तौर पर सल्फास की गोली लेकर बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंच गया। निजी अस्पताल में गार्ड की नौकरी करने वाले रफीक अंसारी का कहना है कि पहले उन्हें 20 हजार रुपए का बिल मिला, जिसे जमा करने के बाद दोबारा 22 हजार रुपए का बिल आ गया। परिवार की सीमित आमदनी के बीच बार-बार इतनी बड़ी रकम चुकाना मुश्किल हो गया था। शहर में दूसरे उपभोक्ता भी स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल बढ़ने की शिकायत कर रहे हैं। वहीं, बिजली विभाग का कहना है कि बढ़े हुए बिल की वजह अधिक खपत, सब्सिडी का लाभ नहीं मिलना या पुराना बकाया हो सकता है। बिल भरने के बाद फिर आया 22 हजार रुपए का बिल
रफीक अंसारी ने बताया कि वे निजी अस्पताल में गार्ड की नौकरी करते हैं। बिजली बिल को लेकर वे काफी समय से परेशान थे। उनके मुताबिक, पहले 20 हजार रुपए का बिल बताया गया, जिसे उन्होंने जमा कर दिया। इसके बाद फिर 22 हजार रुपए का बिल आ गया। रफीक के अनुसार, परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि वह बार-बार इतनी बड़ी रकम जमा कर सके। हालात ऐसे हो गए थे कि घर में चूल्हा जलाना और खाना खाना भी मुश्किल होने लगा था। इसी परेशानी के समाधान की उम्मीद लेकर वे बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने समस्या के समाधान में मदद करने वाले महमूद का आभार भी जताया। रोज 200 रुपए कमाने वाली महिला भी परेशान
बिजली बिल की समस्या दूसरे उपभोक्ताओं ने भी बताई। मजदूरी कर रोजाना करीब 200 रुपए कमाने वाली एक महिला के मुताबिक, पहले 22 हजार रुपए का बिल आया, जिसे जमा कराया गया। इसके बाद फिर 22 हजार रुपए का बिल आने से उनकी परेशानी बढ़ गई। महिला का कहना है कि लंबे समय से बिल कम नहीं हो रहा था। सीमित आमदनी में इतनी बड़ी राशि का बार-बार भुगतान करना मुश्किल है, इसलिए उन्हें समाधान के लिए दोबारा बिजली कार्यालय आना पड़ा। पुराने मीटर में 200-300 रुपए, अब 1500-2000 रुपए बिल
शहर में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कुछ उपभोक्ता बिजली बिल बढ़ने की शिकायत कर रहे हैं। शिकायतकर्ता अनीता कुशवाह के मुताबिक, पुराने मीटर से 200 से 300 रुपए तक बिल आता था, जबकि अब यह बढ़कर 1500 से 2000 रुपए तक पहुंच रहा है। उपभोक्ता मीटर की रीडिंग और बिल की गणना की जांच कराने की मांग कर रहे हैं। विभाग ने बताई अधिक खपत और सब्सिडी की वजह
विद्युत विभाग के विदिशा टाउन मैनेजर सनी वर्गीस के अनुसार, बढ़े हुए बिल की शिकायतों के पीछे दो प्रमुख कारण सामने आ रहे हैं। गर्मी में कूलर सहित दूसरे उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ने से बिजली की खपत बढ़ी। कुछ उपभोक्ता 150 यूनिट तक मिलने वाली सरकारी सब्सिडी के दायरे से बाहर हो गए, जिससे उन्हें दो-तीन महीने सब्सिडी का लाभ नहीं मिला और बिल बढ़ गया। विभाग के मुताबिक, अब खपत कम होने पर कई उपभोक्ता फिर से सब्सिडी के दायरे में आ रहे हैं। वर्गीस ने बताया कि समाधान योजना की किस्त जमा नहीं करने पर शेष राशि एक साथ बिल में जुड़ सकती है। उन्होंने दावा किया कि स्मार्ट मीटर अपने आप बिल नहीं बढ़ाता। जिन पुराने मीटरों में खराबी थी, उनमें पहले कम खपत दर्ज होने के कारण बिल कम आ रहा होगा। सही रीडिंग दर्ज होने पर राशि अधिक दिखाई दे सकती है। वहीं, जिन उपभोक्ताओं के पुराने मीटर सही थे, उनमें से कुछ के बिल कम भी आए हैं। ‘उपाय ऐप’ से खपत देखने की सलाह
बिजली कंपनी की ओर से उपभोक्ताओं को रोजाना बिजली की खपत देखने के लिए ‘उपाय ऐप’ डाउनलोड करने की सलाह दी जा रही है। विभाग के मुताबिक, उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए अलग-अलग स्थानों पर शिविर लगाए जा रहे हैं। महीने में तीन बार संपर्क अभियान चलाकर बिजली की खपत नियंत्रित करने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की जानकारी भी दी जा रही है।