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वाराणसी में करणी सेना के 150 से ज्यादा कार्यकर्ता हिरासत में, आरक्षण और सवर्ण आयोग की मांग पर बढ़ा तनाव

INT News12 October 2026 at 06:50 pm

UP News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में राजपूत करणी सेना के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने 150 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. संगठन के कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पर अपनी मांगों को लेकर महाआंदोलन करने पहुंचे थे. पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने का हवाला देते हुए उन्हें वहां से हटाया और पुलिस लाइन ले गई. वहीं, कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करना चाहते थे, लेकिन उन्हें प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई.

जिला मुख्यालय पर जुटे कार्यकर्ता, पुलिस ने लिया हिरासत में

लल्लूराम की रिपोर्ट के मुताबिक, करणी सेना ने वाराणसी में आरक्षण, सवर्ण आयोग के गठन और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन का ऐलान किया था. इसके बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचने लगे. पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की बात कहते हुए कार्यकर्ताओं को वापस जाने के लिए समझाया. एडीसीपी लिपि नागयाच के मुताबिक, समझाने के बावजूद कार्यकर्ता प्रदर्शन करने की मांग पर अड़े रहे. इसके बाद 150 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस वाहनों से पुलिस लाइन पहुंचाया गया.

आरक्षण से लेकर सवर्ण आयोग तक, ये हैं प्रमुख मांगें

करणी सेना के प्रस्तावित आंदोलन में कई मुद्दे शामिल थे. संगठन की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:

आरक्षण को आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग.

सवर्ण आयोग के गठन की मांग.

यूजीसी के 2026 के संशोधनों से जुड़े प्रावधानों पर पुनर्विचार.

एससी-एसटी से जुड़े प्रावधानों की समीक्षा.

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के प्रावधानों को सरल बनाने की मांग.

इतिहास के संरक्षण से जुड़े मुद्दे.

संगठन इन मांगों को लेकर सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराना चाहता था.

कार्यकर्ताओं ने लगाया शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं करने देने का आरोप

प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे शांतिपूर्वक धरना देने और अधिकारियों को मांग पत्र सौंपने आए थे. उनका आरोप है कि उन्हें प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई और पुलिस ने वाहनों में बैठाकर वहां से हटा दिया. दूसरी ओर, पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई किए जाने की बात कही. दोनों पक्षों के बयानों के बीच इस कार्रवाई को लेकर चर्चा शुरू हो गई है.

पहले भी आंदोलन कर चुका है संगठन

लल्लूराम की रिपोर्ट में बताया गया है कि वाराणसी में करणी सेना इससे पहले भी धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन कर चुकी है. मौजूदा आंदोलन का उद्देश्य भी संगठन की मांगों को लेकर दबाव बनाना था. फिलहाल, इस घटनाक्रम में सबसे अहम बात 150 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जाना है. प्रदर्शन की अनुमति को लेकर पुलिस और संगठन के दावों में अंतर है. आगे की स्थिति और हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं के संबंध में आधिकारिक अपडेट पर नजर रहेगी.

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