समाचार · उत्तर प्रदेश
प्रयागराज में सतीश श्रीवास्तव हत्याकांड से उबाल, एक करोड़ मुआवजा और बुलडोजर की मांग पर अड़े परिजन, अंतिम संस्कार से इनकार

Satish Srivastava Murder Case: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के सलोरी में अधिवक्ता सतीश कुमार श्रीवास्तव की हत्या के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है. शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा, तो परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे की मांग रखी. परिजनों ने एक करोड़ रुपये का मुआवजा, दोनों बेटियों को सरकारी नौकरी, आजीवन सुरक्षा और आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग की है. मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने की बात कही गई है.
पत्नी वर्षा श्रीवास्तव बोलीं- मांगें पूरी होने तक नहीं होगा अंतिम संस्कार
सतीश श्रीवास्तव की पत्नी वर्षा श्रीवास्तव ने स्पष्ट कहा कि जब तक परिवार की मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक वह अपने पति के शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगी. परिजनों की मांगों को लेकर मौके पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौजूद हैं. इनमें एसीपी कर्नलगंज विवेक यादव, एसीपी झूंसी अरुण पाराशर और एसडीएम अंकित वर्मा शामिल हैं. अधिकारियों की मौजूदगी में परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं. परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है.
नजूल की जमीन के विवाद में हुई थी अधिवक्ता की हत्या
सलोरी में बृहस्पतिवार को नजूल की जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद में 52 वर्षीय सतीश कुमार श्रीवास्तव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वह ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में लैब अटेंडेंट होने के साथ अधिवक्ता भी थे. आरोप है कि पड़ोसी और अपर शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र नाथ मिश्रा अपने बेटे और 20 से 25 लोगों के साथ विवादित मकान और प्लॉट की बाउंड्री तोड़ने पहुंचे थे. विरोध करने पर सतीश के साथ मारपीट की गई और उन्हें गोली मार दी गई.
लाइसेंसी रिवॉल्वर से पेट में मारी गोली, अस्पताल में मौत
सतीश की पत्नी वर्षा के मुताबिक, हमलावरों ने पहले मकान का ताला तोड़ा और पीछे स्थित प्लॉट की बाउंड्री भी गिरा दी. विरोध करने पर पथराव किया गया और सतीश पर लोहे की रॉड से हमला किया गया. इसके बाद लाइसेंसी रिवॉल्वर से उनके पेट में गोली मार दी गई. गंभीर हालत में सतीश को एसआरएन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस के अनुसार, सतीश और देवेंद्र के बीच नजूल की संपत्ति को लेकर पहले से विवाद चल रहा था.
पत्नी ने बताया- फोन कर घर पहुंचने को कहा था
वर्षा श्रीवास्तव ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह वह अपने पति और बेटियों के साथ कॉलेज में थीं. करीब 11 बजे सतीश का फोन आया. उन्होंने बताया कि सलोरी स्थित मकान पर देवेंद्र कई लोगों के साथ पहुंचा है और वर्षा से जल्द घर आने को कहा. वर्षा के अनुसार, जब वह वहां पहुंचीं, तो देवेंद्र अपने बेटे निपेंद्र उर्फ बच्चू, बहू और 20 से 25 अन्य लोगों के साथ मौजूद था. उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान मकान और प्लॉट पर तोड़फोड़ की गई.
घटना का वीडियो फुटेज आया सामने, तीन लोग हिरासत में
हत्याकांड के बाद घटना से जुड़ा एक फुटेज भी सामने आया है. इसमें कुछ लोग मास्क और गमछे से चेहरा ढककर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं. पुलिस ने मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया है. वहीं, घटना में देवेंद्र नाथ मिश्रा भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उन्हें एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. फिलहाल परिजन मुआवजे, सुरक्षा, बेटियों की नौकरी और आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग पर अड़े हैं.
परिवार में पत्नी और दो बेटियां, कॉलेज में काम करते थे सतीश
सलोरी निवासी सतीश श्रीवास्तव अपने घर से कुछ दूरी पर स्थित ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में लैब अटेंडेंट के पद पर कार्यरत थे. उनकी पत्नी वर्षा श्रीवास्तव ईश्वर शरण पब्लिक स्कूल में शिक्षिका हैं. उनकी बेटी वैष्णवी एक निजी कॉलेज में पढ़ाती हैं, जबकि परिवार में दूसरी बेटी वैशाली भी है. सतीश की हत्या के बाद परिवार ने आर्थिक सहायता, बेटियों के लिए सरकारी नौकरी और आजीवन सुरक्षा की मांग उठाई है. इन मांगों को लेकर शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया है.
Must Read- लखनऊ में बनेगा यूपी का पहला ई-बस पोर्ट, 265 करोड़ होंगे खर्च, जानें कहां और कैसे चलेंगी नई बसें