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UP Politics: अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार से मांगा 12 साल का हिसाब, पूर्व CM के 12 सवालों से छिड़ी नई बहस

INT News17 October 2026 at 01:55 pm

UP Politics: अखिलेश यादव के 12 सवालों ने केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने ‘12 साल और 12 सवाल’ के जरिए बैंक खातों से पैसे कटने, साइबर ठगी, कर्ज की मुश्किलों और बैंकिंग सेवाओं में कमी जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा है. उनके सवालों का केंद्र आम जनता की आर्थिक परेशानियां और बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं हैं. अखिलेश यादव ने अपने X पोस्ट में इन सवालों के जरिए आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं को सामने रखते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है.

बारह साल पर 12 सवाल

बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर बेचे क्यों जा रहे हैं?

बैंक मजबूत हुए हैं तो गरीब जनता के खाते से पैसे क्यों काटे जा रहे हैं?

बैंक मजबूत हुए हैं तो बार-बार केवाईसी के नाम पर जनता के पैसे देने से इंकार क्यों किया जा रहा है?

बैंक मजबूत हुए हैं तो उन लोगों को पकड़कर देश में लाकर सज़ा क्यों नहीं दी जा रही है, जो बैंको से खरबों का लोन लेकर भाग गये हैं?

बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर ग्रामीण इलाकों में ब्रांच और ATM बंद करके जनता को कैश के लिए क्यों भटकाया जा रहा है?

बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर किसानों, छात्रों और छोटे दुकानदारों को बिना बिचौलिये और बिना गारंटर के लोन क्यों नहीं मिल रहा है?

बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर साइबर ठगी का शिकार हुए गरीब आदमी का पैसा तुरंत वापस क्यों नहीं होता, उसे थाने और बैंक के चक्कर क्यों कटवाए जाते हैं?

बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर होम लोन और शिक्षा लोन पर ब्याज इतना ज़्यादा क्यों है कि आम आदमी की कमर टूट रही है?

बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर डिजिटल ट्रांजेक्शन फेल होने पर जनता का पैसा कई-कई दिन तक होल्ड पर क्यों रखा जा रहा है?

बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर CIBIL स्कोर में छोटी सी चूक पर नौजवानों को डिफॉल्टर बताकर उनका भविष्य क्यों खराब किया जा रहा है?

बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर बुजुर्गों और अनपढ़ लोगों को UPI और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने के लिए हर ब्रांच में सहायता काउंटर क्यों नहीं है?

बैंक मजबूत हुए हैं तो बैंक कर्मियों की जायज़ मांगे क्यों नहीं मानी जा रही हैं और बैंकों में नई भर्ती क्यों नहीं हो रही और मौजूदा कर्मचारियों पर इतना दबाव क्यों है कि ग्राहक सेवा ही चौपट हो रही है?

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