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स्टे मिलते ही सीएमएचओ की कुर्सी पर पहुंचे डॉ. गुन्नाडे:ज्वाइनिंग पर नया विवाद डॉ. अर्चना कैथवास की गैरमौजूदगी में पदभार ग्रहण, 3 को नोटिस
निलंबन आदेश पर हाईकोर्ट की रोक के बाद डॉ. नरेश गुन्नाडे ने शुक्रवार को छिंदवाड़ा में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) का पदभार ग्रहण कर लिया। उनकी ज्वाइनिंग के समय वर्तमान सीएमएचओ डॉ. अर्चना कैथवास कार्यालय में मौजूद नहीं थीं। बाद में जानकारी मिलने पर डॉ. कैथवास ने ज्वाइनिंग प्रक्रिया में शामिल तीन कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा। उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य आयुक्त से मार्गदर्शन भी मांगा है। हालांकि, कर्मचारियों की भूमिका और ज्वाइनिंग की प्रक्रिया को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। 7 अगस्त को मुख्यमंत्री ने की थी निलंबन की घोषणा मामले की शुरुआत 7 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के छिंदवाड़ा प्रवास के दौरान हुई थी। जनविश्वास अभियान के तहत शिकायतों की समीक्षा के दौरान प्रसूति सहायता राशि नहीं मिलने की शिकायत सामने आई थी। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. नरेश गुन्नाडे को निलंबित करने की घोषणा की थी। अगले दिन 8 अगस्त को निलंबन आदेश जारी कर दिया गया। डॉ. गुन्नाडे ने निलंबन आदेश को जबलपुर स्थित मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी। उनकी ओर से अधिवक्ता देवेंद्र कुमार त्रिपाठी ने दलील दी कि बिना जांच के सीएमएचओ को निलंबित करना उचित नहीं है। मामले की सुनवाई जस्टिस विवेक कुमार सिंह की एकल पीठ ने की। कोर्ट ने निलंबन आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य शासन और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कोर्ट ने अगले आदेश तक डॉ. गोन्नाड़े को सीएमएचओ के पद पर काम करते रहने के निर्देश दिए। वर्तमान सीएमएचओ की अनुपस्थिति में हुई ज्वाइनिंग शुक्रवार को डॉ. गुन्नाडे हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के साथ सीएमएचओ कार्यालय पहुंचे और पदभार ग्रहण कर लिया। उस समय डॉ. अर्चना कैथवास तामिया में आयोजित जनविश्वास कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं। डॉ. गुन्नाडे की ज्वाइनिंग से संबंधित जानकारी ई-मेल और आवक-जावक शाखा के माध्यम से स्वास्थ्य आयुक्त कार्यालय भेजी गई। डॉ. कैथवास शाम को कार्यालय लौटीं, तब उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने ज्वाइनिंग प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों से जवाब मांगा। ज्वाइनिंग लेटर तैयार करने और भेजने में तीन कर्मचारियों की भूमिका सीएमएचओ डॉ. अर्चना कैथवास के मुताबिक, ग्रेड-टू कर्मचारी लक्ष्मण बर्डे ने बिना अनुमति ज्वाइनिंग लेटर तैयार किया। ऑपरेटर सुमित ने ई-मेल के माध्यम से स्वास्थ्य आयुक्त को पत्र भेजा, जबकि आवक-जावक शाखा में पदस्थ ममता साहू ने पत्र पोस्ट किया। डॉ. कैथवास ने बताया कि इन तीनों कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। उनके मुताबिक, हाईकोर्ट का आदेश सर्वमान्य है, लेकिन डॉ. गुन्नाडे ने उन्हें सूचना दिए बिना ज्वाइनिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली। आगे की कार्रवाई के संबंध में स्वास्थ्य आयुक्त से मार्गदर्शन मांगा गया है। डॉ. गुन्नाडे का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुआ। अब आयुक्त के मार्गदर्शन पर टिकी आगे की कार्रवाई फिलहाल ज्वाइनिंग प्रक्रिया में शामिल तीन कर्मचारियों से जवाब मांगा गया है। स्वास्थ्य आयुक्त से मार्गदर्शन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। इस बीच, निलंबन आदेश पर हाईकोर्ट की रोक के बाद डॉ.गुन्नाडे के पदभार ग्रहण करने और इसकी सूचना भेजने की प्रक्रिया को लेकर विभागीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।