Saturday, 17 October 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · मध्य प्रदेश

रायसेन की झांकी में राम जन्मसेरावण वध तक की लीलाएं:श्री वीर शिवाजी दुर्गा उत्सव समिति ने 27वें साल में नई पीढ़ी को राम से जोड़ा

INT News17 October 2026 at 11:56 am

रायसेन के वार्ड 15 में श्री वीर शिवाजी दुर्गा उत्सव समिति की ओर से सजाई गई रामायण आधारित झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। पंडाल में भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर रावण वध तक की लीलाओं को प्रतिमाओं के माध्यम से दर्शाया गया है। समिति ने झांकी के जरिए नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और रामायण की घटनाओं से परिचित कराने का प्रयास किया है। पंडाल के मुख्य द्वार पर ‘रामायणम मंडपम’ लिखा गया है। गणेश दर्शन से शुरू होती है रामायण की झलक पंडाल में प्रवेश करते ही सबसे पहले भगवान गणेश के दर्शन होते हैं। इसके बाद भगवान श्रीराम का जन्म, सीता स्वयंवर, सरयू से जुड़ी लीला और गंगा तरण के प्रसंग प्रतिमाओं के माध्यम से सजाए गए हैं। आगे रामसेतु निर्माण और रावण वध के दृश्य दिखाए गए हैं। वहीं, माता शबरी की कुटिया में भगवान श्रीराम के बेर ग्रहण करने का प्रसंग भी दर्शाया गया है। अशोक वाटिका से संजीवनी पर्वत तक के दृश्य झांकी में लंका की अशोक वाटिका में विराजमान माता सीता और बजरंगबली द्वारा संजीवनी बूटी के लिए पर्वत उठाकर लाने का दृश्य भी आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रामायण के कई अन्य महत्वपूर्ण प्रसंगों को भी प्रतिमाओं के जरिए दिखाया गया है। इन दृश्यों के बाद पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है। पूरे पंडाल को रामायण के पात्रों और घटनाओं के आधार पर सजाया गया है। इससे श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर रामायण के प्रमुख प्रसंगों को देखने का अवसर मिल रहा है। 27 साल से झांकी सजा रही समिति समिति सदस्य वरुण खत्री ने बताया कि श्री वीर शिवाजी दुर्गा उत्सव समिति पिछले 27 वर्षों से झांकी सजा रही है। पिछले वर्ष समिति ने चार धाम यात्रा पर आधारित झांकी प्रस्तुत की थी। इस वर्ष नई और युवा पीढ़ी को भगवान श्रीराम के प्रति आस्था से जोड़ने और उनके जीवन से परिचित कराने के उद्देश्य से रामायण के प्रसंगों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया है। समिति का प्रयास है कि श्रद्धालु झांकी के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन और रामायण की महत्वपूर्ण घटनाओं को करीब से जान सकें।