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खनिज परिवहन वाहनों पर RFID टैग लगाना जरूरी:ई-चेक गेट से 24 घंटे डिजिटल निगरानी; अवैध खनन-रॉयलटी चोरी रोकने के लिए कदम
अनूपपुर जिले में खनिजों के अवैध परिवहन और रॉयल्टी चोरी पर रोक लगाने के लिए AI आधारित ई-चेक गेट प्रणाली लागू की गई है। इसके तहत ई-खनिज पोर्टल पर पंजीकृत सभी 5,581 खनिज परिवहन वाहनों पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग लगाना अनिवार्य किया गया है। खनिज विभाग के अनुसार, वाहन मालिकों को निर्देश जारी होने की तारीख से एक महीने के भीतर टैग लगवाना होगा। तय समय में टैग नहीं लगवाने वाले वाहनों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। दो मार्गों पर ई-चेक गेट से निगरानी प्रशासन के मुताबिक, AI आधारित मानवरहित ई-चेक गेट बिजुरी से छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ की ओर जाने वाले मार्ग और राजेंद्रग्राम मार्ग पर संचालित किए जा रहे हैं। इन गेट से गुजरने वाले वाहनों पर RFID टैग के माध्यम से निगरानी की जाएगी। उप संचालक खनिज प्रशासन आशालता वैद्य के अनुसार, मध्यप्रदेश खनिज साधन विभाग, भोपाल ने 7 अक्टूबर को इस संबंध में निर्देश जारी किए थे। वाहन मालिकों को निर्देश जारी होने की तारीख से एक महीने के भीतर अपने वाहनों पर RFID टैग लगवाना होगा। पोर्टल से खरीदना होगा RFID टैग वाहन मालिकों को आधिकारिक ई-चेक गेट पोर्टल पर उपलब्ध ‘ORDER TAG’ विकल्प के माध्यम से RFID टैग खरीदना होगा। इसका निर्धारित शुल्क वाहन मालिक को स्वयं देना होगा। टैग की सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी भी वाहन स्वामी की होगी। विभाग के अनुसार, टैग क्षतिग्रस्त होने या उससे छेड़छाड़ पाए जाने पर संबंधित वाहन का ई-खनिज पोर्टल पर पंजीयन निरस्त किया जा सकता है। इसके बाद वाहन के खनिज परिवहन पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान बताया गया है। टैग स्कैन कर वाहनों की पहचान करेगा सिस्टम विभाग के मुताबिक, ई-चेक गेट से गुजरने वाले वाहनों के RFID टैग को सिस्टम ऑटोमैटिक तरीके से स्कैन करेगा। इससे बिना वैध टैग वाले वाहनों और रॉयल्टी संबंधी अनियमितताओं की पहचान करने में मदद मिलेगी। व्यवस्था का उद्देश्य खनिजों के अवैध परिवहन, रॉयल्टी चोरी और ओवरलोडिंग पर नियंत्रण करना है। प्रशासन के अनुसार, मुख्य मार्गों और जिले की सीमाओं पर वाहनों की आवाजाही से संबंधित डेटा कंट्रोल रूम में दर्ज किया जाएगा। इससे खनिज परिवहन की निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने में मदद मिलने की उम्मीद है। जिले में 5,581 वाहन पंजीकृत उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अनूपपुर जिले में ई-खनिज पोर्टल पर 5,581 वाहन खनिज परिवहन के लिए पंजीकृत हैं। जिले में 18 कोयला खदानें, सोन सहित अन्य नदी घाटों पर 9 स्वीकृत रेत खदानें और लगभग 107 पत्थर खदानें या क्रेशर संचालित होने की जानकारी दी गई है। खनिज विभाग ने सभी पंजीकृत वाहन मालिकों से निर्धारित समय सीमा के भीतर RFID टैग लगवाने की अपील की है। विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था से खनिज परिवहन की निगरानी बेहतर करने और रॉयल्टी चोरी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।