समाचार · छत्तीसगढ़
नकली सिगरेट का खेल! छत्तीसगढ़ के व्यापारी का झारखंड में खुला राज

छत्तीसगढ़ से जुड़े एक व्यापारी द्वारा झारखंड के भंडरिया क्षेत्र (गढ़वा) में कंपनी के ब्रांड और ट्रेडमार्क का कथित दुरुपयोग कर नकली सिगरेट के कारोबार का मामला सामने आया है. कंपनी की शिकायत के बाद पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए संबंधित गोदाम का ताला खुलवाकर जांच शुरू कर दी. कार्रवाई दंडाधिकारी सह रमकंडा अंचलाधिकारी अनिल रविदास की मौजूदगी में की गयी.
एक राज्य से दूसरे राज्य तक फैला कथित कारोबार, गोदाम बना जांच का केंद्र
आइटीसी कंपनी प्रतिनिधि रिशु मिश्रा की शिकायत के अनुसार, कंपनी के उत्पादों से मिलते-जुलते नाम और पैकेजिंग का कथित इस्तेमाल कर सिगरेट को बाजार में खपाने का प्रयास किया जा रहा था. शिकायत में आइटीसी के उत्पादों से संबंधित कथित नकली सिगरेट कारोबार का उल्लेख किया गया है. पुलिस ने मामले में 23 सितंबर 2026 को प्राथमिकी दर्ज की है. गोदाम की जांच के दौरान सिगरेट के पैकेट, पैकिंग सामग्री और अन्य संबंधित सामान की पड़ताल की गयी, जिसमें 11 हजार 800 सिगरेट बरामद कर उसे जप्त किया गया.
मामला दो राज्यों से जुड़ा
मामला दो राज्यों से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है. जांच के बाद ही पता चलेगा कि इस कारोबार में सिर्फ व्यापारी शामिल था या इसके पीछे कोई बड़ा सप्लाई नेटवर्क भी काम कर रहा था. फिलहाल मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है. गोदाम में हुई कार्रवाई के बाद कथित नकली सिगरेट के कारोबार को लेकर इलाके में चर्चा तेज हो गई है.
किसका था गोदाम?
छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज बस स्टैंड के पास स्थित जायसवाल पान भंडार सह किराना स्टोर के मालिक अभय जायसवाल का गोदाम झारखंड के भंडरिया थाना क्षेत्र के लीलापत्थर में बताया गया है. यह गोदाम लीलापत्थर जनेवा निवासी उजागीर यादव के घर में था. जांच के दौरान इसी गोदाम में नकली सिगरेट रखे होने की जानकारी सामने आई. इसके बाद अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की.