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Purulia News: अवैध अबॉर्शन के दौरान महिला की मौत, सरकारी डॉक्टर गिरफ्तार,पुलिस की जांच में क्या मिले सबूत?

आसनसोल/पुरुलिया से शिवकुमार राउत की रिपोर्ट
गैरकानूनी तरीके से गर्भपात कराने के बाद महिला की हुई मौत के मामले में पुलिस ने रघुनाथपुर सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल में सरकारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेंद्र गराई को गुरुवार गिरफ्तार कर लिया. पुरुलिया जिला के मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओएच) की शिकायत पर दर्ज प्रथमिकी पर जांच पड़ताल करने के बाद सारे सबूत डॉ. गराई के खिलाफ होने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया. पुरुलिया जिला के नितुरिया थाना क्षेत्र के मदनपुर गांव की निवासी 26 वर्षीय गृहिणी रीता बाउरी की मौत के मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया.
मुख्य बातें
गैरकानूनी तरीके से ऑपरेशन करने को लेकर सरकारी चिकत्सा अधिकारी डॉ. रमेंद्र गराई गिरफ्तार, आज पेश किया जाएगा अदालत में
रघुनाथपुर सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल के है चिकित्सक, निजी अस्पताल में की थी रीता बाउरी नामक महिला कराया था गर्भपात
10 अगस्त को रीता बाउरी की हुई थी मौत, नितुरिया इलाके में स्थित एक निजी अस्पताल किया गया था गर्भपात को लेकर ऑपरेशन
जिला मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी की शिकायत पर दर्ज हुआ था मामला, जांच में सारे तथ्य डॉ. गराई के खिलाफ, जिसके आधार पर पुलिस ने किया गिरफ्तार
क्या है पूरा मामला
नितुरिया थाना क्षेत्र के मदनपुर गांव की निवासी रीता बाउरी गर्भपात कराने को लेकर नितुरिया के एक निजी अस्पताल में दाखिल हुई. ऑपरेशन के बाद उसकी तबियत बिगड़ने लगी. बेहतर चिकित्सा के लिए उन्हें आसनसोल के एक निजी अस्पताल में लाया गया. जहां कुछ घंटे बाद ही 10 अगस्त 2026 को उनकी मौत हो गयी. परिजनों ने नर्सिंग होम में इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप लगाया और घटना के विरोध में शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया.
रीता बाउरी की मौत को लेकर सीएमओएच की शिकायत पर प्रथमिकी दर्ज हुई थी. जांच में पाया गया कि डॉ. रमेंद्र गराई गर्भपात कराने के लिए अधिकृत चिकित्सक नहीं है. गलत तरीके से यह किया गया था, इसके अलावा भी अन्य सबूतों के आधार पर डॉ. गराई को गिरफ्तार किया गया है. शुक्रवार अदालत में पेश करके रिमांड की अपील पुलिस करेगी.
कुमार सन्नी राज- पुलिस अधीक्षक-पुरुलिया
नर्सिंग होम किया गया सील
घटना के अगले दिन जिला स्वास्थ्य विभाग की एक जांच टीम ने संबंधित नर्सिंग होम का निरीक्षण किया. जांच के बाद नर्सिंग होम को अस्थायी रूप से बंद करने का नोटिस जारी किया गया. जिला प्रशासन की ओर से मृतका के परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने संबंधी स्वीकृति पत्र भी सौंपा गया.
सरकारी डॉक्टर पर क्या हैं आरोप
सीएमओएच ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज करायी. शिकायत में कहा गया है कि संबंधित नर्सिंग होम में अबॉर्शन से जुड़ी प्रक्रियाएं आवश्यक अनुमति के बिना करायी जा रही थीं. जांच के दौरान सर्जिकल रिकॉर्ड में भी कई तरह की विसंगतियां सामने आयी है. डॉक्टर के पास इस तरह की सर्जरी करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण नहीं था. इसके अलावा, रघुनाथपुर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में सरकारी सेवा में रहने के बावजूद निजी चिकित्सा संस्थान से उनका जुड़ाव सेवा नियमों के अनुरूप नहीं था. नर्सिंग होम से जुड़ी अन्य अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है.
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किन धाराओं में हुआ है केस
डॉ. गराई के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 तथा Medical Termination of Pregnancy (MTP) Act की धारा 5(3) और 5(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है. BNS की धारा 105 गैर-इरादतन हत्या की श्रेणी में आने वाले culpable homicide से संबंधित है.
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