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WATCH VIDEO: 'हम घर कब जाएंगे?' पटना के वृद्धाश्रम में मांओं की आंखों में आज भी बेटों का इंतजार

Patna Old Age Homes : नवरात्रि में एक ओर मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा हो रही है, तो दूसरी ओर बिहार के वृद्धाश्रमों में कई ऐसी माताएं हैं, जो अपने बच्चों की राह देख रही हैं. उनकी आंखों में आज भी यही उम्मीद है कि शायद बेटा आएगा, हाथ थामेगा और उन्हें घर ले जाएगा. उम्र के आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुकी इन माताओं के पास रहने, खाने और देखभाल की व्यवस्था तो है, लेकिन अपने परिवार का साथ और अपनों का अपनापन नहीं है. कोई मां बेटे की तस्वीर को याद कर आंसू बहाती है, तो कोई हर सुबह भगवान से अपने परिवार के लौट आने की प्रार्थना करती है.
वृद्धाश्रम में महिलाओं की संख्या अधिक, कई की कहानी दर्द से भरी
बिहार के वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों के आंकड़े एक गंभीर सामाजिक तस्वीर सामने रखते हैं. पटना के गुलजारबाग स्थित वृद्धाश्रम में कुल 97 बुजुर्गों के रहने की जानकारी दी गई, जिनमें 64 महिलाएं हैं. भागलपुर में 35 बुजुर्गों में 22 महिलाएं और गया में 92 बुजुर्गों में 65 महिलाएं हैं. मुजफ्फरपुर में 13 बुजुर्गों में सात महिलाएं हैं, जबकि पूर्णिया में 98 बुजुर्गों में 55 महिलाएं हैं. इन आंकड़ों के अनुसार, कई वृद्धाश्रमों में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या अधिक है. रिपोर्ट के अनुसार, यहां रहने वाली बड़ी संख्या में महिलाएं विधवा हैं और उनके जीवन की कहानियां संघर्ष, अकेलेपन और अपनों से बिछड़ने के दर्द से जुड़ी हैं. वीडियो में सुनिए सभी मांएं क्या कह रहीं हैं..
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