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WATCH VIDEO : बिहार में कहां-कहां हैं मां के प्रसिद्ध मंदिर? वीडियो में जानिए 10 खास धाम

Bihar 10 Famous Goddess Temples : नवरात्रि का पावन पर्व हो और मां दुर्गा के दर्शन की बात न हो, ऐसा कैसे हो सकता है. बिहार में मां दुर्गा और उनके विभिन्न स्वरूपों को समर्पित कई प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर हैं, जहां नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. कहीं पहाड़ी पर मां का दरबार सजा है, तो कहीं प्राचीन मंदिरों से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं भक्तों की आस्था को मजबूत करती हैं. अगर आप भी इस नवरात्रि मां के दर्शन के लिए किसी प्रसिद्ध मंदिर में जाने की योजना बना रहे हैं, तो बिहार के इन 10 देवी मंदिरों के बारे में जान लीजिए.
1. बड़ी पटन देवी मंदिर, पटना
पटना सिटी में स्थित बड़ी पटन देवी मंदिर बिहार के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह 51 शक्तिपीठों में से एक है. यहां मां महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की पूजा की जाती है. नवरात्रि के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना होती है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. पटना आने वाले भक्तों के लिए यह मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है.
2. छोटी पटन देवी मंदिर, पटना
पटना सिटी में ही स्थित छोटी पटन देवी मंदिर का भी विशेष धार्मिक महत्व है. नवरात्रि के दौरान यहां पूजा-पाठ, आरती और मां के श्रृंगार का विशेष माहौल देखने को मिलता है. बड़ी पटन देवी के साथ छोटी पटन देवी के दर्शन करके श्रद्धालु पटना की प्राचीन धार्मिक परंपरा से जुड़ सकते हैं.
3. थावे वाली माता मंदिर, गोपालगंज
गोपालगंज जिले के थावे में स्थित मां थावे वाली का मंदिर बिहार के प्रसिद्ध देवी धामों में गिना जाता है. मां को स्थानीय मान्यताओं में मां सिंहासनी के नाम से भी जाना जाता है. मंदिर से भक्त रहसु भगत से जुड़ी लोककथाएं प्रचलित हैं. नवरात्रि में यहां बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा दूसरे क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं. मां के दर्शन के लिए थावे आने वाले भक्तों के बीच इस मंदिर की विशेष प्रतिष्ठा है.
4. मां मुंडेश्वरी मंदिर, कैमूर
कैमूर जिले की पहाड़ियों पर स्थित मां मुंडेश्वरी मंदिर बिहार की प्राचीन धार्मिक धरोहरों में से एक है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अनुसार, इस मंदिर का इतिहास चौथी शताब्दी ईस्वी से पहले का माना जाता है. मंदिर अपनी अष्टकोणीय संरचना और प्राचीन स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है. यहां मां मुंडेश्वरी के साथ भगवान शिव की भी पूजा होती है. मंदिर में पशुबलि की एक अनूठी परंपरा प्रचलित है, जिसमें बकरे को बिना मारे प्रतीकात्मक रूप से बलि की रस्म पूरी की जाती है. पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर धार्मिक आस्था के साथ ऐतिहासिक महत्व भी रखता है.
5. मां ताराचंडी धाम, सासाराम
रोहतास जिले के सासाराम में स्थित मां ताराचंडी धाम बिहार के प्रसिद्ध देवी मंदिरों में शामिल है. पहाड़ी और प्राकृतिक परिवेश के बीच स्थित इस मंदिर में साल भर श्रद्धालु पहुंचते हैं. नवरात्रि के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना और आरती का आयोजन होता है. स्थानीय लोगों की गहरी आस्था से जुड़ा यह धाम धार्मिक यात्रियों के लिए खास महत्व रखता है. सासाराम और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान मां के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं.
6. मां श्यामा माई मंदिर, दरभंगा
दरभंगा स्थित मां श्यामा माई मंदिर मिथिलांचल के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है. मां काली को समर्पित इस मंदिर में साल भर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है. नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना होती है और वातावरण भक्तिमय हो जाता है. दरभंगा की यात्रा के दौरान मां श्यामा माई के दर्शन करना श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक अनुभव हो सकता है.
7. मां चंडिका स्थान, मुंगेर
मुंगेर में स्थित मां चंडिका स्थान बिहार के प्रसिद्ध शक्तिपूजा स्थलों में शामिल है. मां चंडी को समर्पित इस मंदिर से कई धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं. नवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालु मां के दर्शन और आशीर्वाद के लिए यहां पहुंचते हैं. मुंगेर और आसपास के जिलों के भक्तों के बीच इस मंदिर की विशेष आस्था है.
8. मां मंगला गौरी मंदिर, गया
गया में स्थित मां मंगला गौरी मंदिर देश के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में गिना जाता है. पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं. मां मंगला गौरी को समर्पित इस धाम में विशेष रूप से पूजा-अर्चना की जाती है. नवरात्रि के दौरान बिहार के अलावा दूसरे राज्यों से भी भक्त यहां दर्शन के लिए आते हैं. गया की धार्मिक यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह मंदिर प्रमुख आकर्षण है.
9. मां अंबिका भवानी मंदिर, आमी, सारण
सारण जिले के आमी में स्थित मां अंबिका भवानी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. मां दुर्गा को समर्पित इस मंदिर में नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में भक्त पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिलता है. पटना, छपरा और आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए यहां आते हैं.
10. मां आशापुरी मंदिर, नालंदा
नालंदा जिले में स्थित मां आशापुरी मंदिर स्थानीय धार्मिक परंपराओं और मान्यताओं के लिए जाना जाता है. नवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालु यहां मां की पूजा-अर्चना और आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं. ऐतिहासिक महत्व वाले नालंदा क्षेत्र की यात्रा के दौरान इस मंदिर के दर्शन भी किए जा सकते हैं.
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