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पानीपत में किसानों के घेराव के बाद धान खरीद शुरू:दो दिन पहले इसराना मंडी और मार्केट कमेटी कार्यालय पर जड़े थे ताले
पानीपत की इसराना अनाज मंडी में धान की सरकारी खरीद शुरू कराने के लिए किसानों के आंदोलन का असर सोमवार को दिखाई दिया। अल्टीमेटम की अवधि पूरी होने पर किसान मंडी पहुंचे और मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव शुरू कर दिया। इसके तुरंत बाद प्रशासन ने धान की सरकारी खरीद शुरू करवा दी। एक दिन में करीब छह हजार क्विंटल धान खरीदी गई। बता दें कि दो दिन पहले मंडी में धान की खरीद नहीं होने से नाराज किसानों ने अनाज मंडी के गेट और मार्केट कमेटी कार्यालय पर ताले जड़ दिए थे। प्रशासन और खरीद एजेंसियों को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए खरीद शुरू नहीं होने पर सड़क जाम करने की चेतावनी दी थी। खरीद न होने से परेशान थे किसान किसानों का कहना है कि मंडी में धान की लगातार आवक हो रही थी, लेकिन सरकारी खरीद नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मंडी में धान की ढेरियां जमा हो गई थीं और किसान अपनी उपज बेचने के लिए इंतजार कर रहे थे। शनिवार को किसानों ने भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान दिलबाग बिझौल के नेतृत्व में रोष जताते हुए मंडी के गेट पर एक और मार्केट कमेटी कार्यालय पर दो ताले लगाए थे। 10,996 क्विंटल धान पहुंचा था, खरीद हुई थी महज 55 क्विंटल किसानों के अनुसार, शनिवार तक इसराना अनाज मंडी में 10,996 क्विंटल धान पहुंच चुका था, जबकि सरकारी खरीद महज 55 क्विंटल हुई थी। किसानों ने आरोप लगाया था कि खरीद प्रक्रिया में लापरवाही बरती जा रही है और खरीद निरीक्षक नियमित रूप से धान की ढेरियों की जांच करने नहीं पहुंच रहे। किसानों का कहना था कि खरीद में देरी के कारण मंडी में धान का ढेर लग रहा है और उन्हें आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है। नमी की जांच और खरीद एजेंसी की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल किसानों ने धान में नमी की जांच और सरकारी खरीद के मानकों को लेकर भी नाराजगी जताई थी। उनका दावा था कि मंडी में जांच के दौरान करीब 95 प्रतिशत ढेरियां निर्धारित मानकों पर खरी उतरी थीं और उनमें नमी 16 प्रतिशत से कम थी। इसके बावजूद खरीद की रफ्तार नहीं बढ़ रही थी। किसानों ने यह भी दावा किया था कि जिन मंडियों में वेयरहाउस एजेंसी खरीद कर रही है, वहां 60 से 70 प्रतिशत तक धान खरीदा जा चुका है, जबकि इसराना मंडी में हैफेड की खरीद बेहद कम रही। ये रहे मौजूद किसानों ने मांग की कि निर्धारित मानकों पर खरा उतरने वाले धान की खरीद बिना देरी के की जाए और खरीद प्रक्रिया को नियमित रखा जाए। शनिवार के प्रदर्शन में भाकियू जिला प्रधान दिलबाग बिंझौल के अलावा बलराज, सतनारायण बांगड़, गजे सिंह खर्ब, शमशेर कालखा, रणबीर, दिनेश चमराड़ा और ओमप्रकाश बिंझौल सहित कई किसान शामिल हुए थे।