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यूपी में 8.5 लाख बुजुर्गों की पेंशन अटकी, अब आधार कार्ड से नहीं चलेगा काम, उम्र का दूसरा प्रमाण देना जरूरी

UP Old Age Pension: उत्तर प्रदेश में करीब 8.5 लाख बुजुर्गों की वृद्धावस्था पेंशन के आवेदन अटक गए हैं. इन लोगों ने उम्र के प्रमाण के रूप में आधार कार्ड लगाया था, लेकिन अब इसे मान्य नहीं माना जा रहा है. इसी वजह से शासन ने कई आवेदन संबंधित जिलों को वापस भेज दिए हैं. अब बुजुर्गों को आयु साबित करने के लिए दूसरा दस्तावेज देना होगा. प्रयागराज के 20,348 और कौशांबी के करीब चार हजार बुजुर्ग भी इस समस्या से प्रभावित हैं. पेंशन पाने के लिए उन्हें आवेदन सुधारना होगा.
आयु प्रमाण के लिए दूसरे दस्तावेज जरूरी
समाज कल्याण विभाग की वृद्धावस्था पेंशन योजना में आवेदन करते समय उम्र का प्रमाण देना जरूरी है. पहले कई आवेदनों में आधार कार्ड का इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन विभाग ने नियमों में बदलाव किया है. अब जन्मतिथि साबित करने के लिए परिवार रजिस्टर की नकल या शैक्षिक प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज मांगे जा रहे हैं. इन अभिलेखों में जन्मतिथि दर्ज होनी चाहिए. नए नियम लागू होने से पहले जिन बुजुर्गों ने आधार कार्ड के आधार पर आवेदन किया था, उनके आवेदन वापस कर दिए गए हैं.
21 मार्च को जारी हुआ था आदेश
समाज कल्याण विभाग के निदेशक प्रमोद कुमार उपाध्याय ने 21 मार्च को इस संबंध में आदेश जारी किया था. इसके तहत आधार कार्ड को आयु प्रमाण के मान्य दस्तावेजों की सूची से हटाया गया. हालांकि, नियम बदलने से पहले कई जिलों से नए आवेदन शासन को भेजे जा चुके थे. कुछ पुराने आवेदन भी पहले से लंबित थे. बाद में ऐसे आवेदनों को वापस कर दिया गया. अब जिला स्तर पर इन्हें ब्लॉक कार्यालयों में भेजा जा रहा है, ताकि जरूरी दस्तावेज लगाकर कमियां दूर की जा सकें.
मोबाइल पर संदेश मिलने के बाद भी कई अनजान
विभाग के अनुसार, आवेदन वापस होने की जानकारी संबंधित बुजुर्गों के मोबाइल नंबर पर संदेश के जरिए भेजी गई है. जिन लोगों ने संदेश पढ़ लिया, उन्होंने जरूरी दस्तावेज जोड़कर आवेदन में सुधार कराया. हालांकि, हजारों बुजुर्गों को अब तक नियमों में हुए बदलाव की जानकारी नहीं है. प्रयागराज में रोजाना करीब 40 से 50 बुजुर्ग पेंशन से जुड़ी जानकारी लेने विकास भवन पहुंचते हैं. इनमें कई ऐसे लोग हैं, जिनके आवेदन शासन स्तर से वापस किए गए हैं और उन्हें आगे की प्रक्रिया पूरी करनी है.
विकास भवन में बनाए गए तीन काउंटर
प्रयागराज के जिला समाज कल्याण अधिकारी रामशंकर पटेल के मुताबिक, शासन से लौटाए गए आवेदनों में आयु प्रमाण के दूसरे दस्तावेज लगवाकर उन्हें दोबारा भेजा जा रहा है. इस काम में लोगों की मदद के लिए विकास भवन के कक्ष संख्या 12 में तीन काउंटर बनाए गए हैं. यहां बैंक पासबुक या आधार नंबर की मदद से आवेदन की स्थिति पता की जा सकती है. इसके बाद जनसेवा केंद्र के माध्यम से जरूरी अभिलेख अपलोड कराए जा सकते हैं. बुजुर्गों को आवेदन की कमी दूर करनी होगी.
वर्षों से पेंशन का इंतजार कर रहे बुजुर्ग
कई बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने वृद्धावस्था पेंशन पाने के लिए एक से तीन साल पहले आवेदन किया था, लेकिन अब तक लाभ नहीं मिला है. उनका आरोप है कि वे जरूरी कागजात जमा करने के बाद भी लगातार विकास भवन के चक्कर लगा रहे हैं. हर बार उन्हें पेंशन मिलने का इंतजार करने को कहा जाता है. नए दस्तावेजों की जरूरत सामने आने से उनकी परेशानी बढ़ गई है. अब उन्हें उम्मीद है कि आवेदन में सुधार के बाद पेंशन मिलने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी.
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