समाचार · उत्तर प्रदेश
प्रयागराज एयरपोर्ट पर उतर सकेंगे Boeing 777 और Airbus A350 जैसे बड़े विमान, 600 मीटर बढ़ेगा रनवे

Prayagraj Airport News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है. प्रयागराज सिविल एयरपोर्ट के रनवे का 600 मीटर विस्तार किया जा रहा है. इसके बाद रनवे की लंबाई मौजूदा 2,700 मीटर से बढ़कर 3,300 मीटर हो जाएगी. इस विस्तार से बोइंग-777, बोइंग-787 ड्रीमलाइनर और एयरबस A350 जैसे बड़े विमानों के संचालन की संभावनाएं बढ़ेंगी. महाकुंभ 2025 के दौरान प्रयागराज में हवाई यात्रा की बढ़ी मांग को देखते हुए यह परियोजना भविष्य की जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है. वर्ष 2031 में प्रस्तावित कुंभ मेले के दौरान भी इससे हवाई यातायात संभालने में मदद मिलने की उम्मीद है.
600 मीटर बढ़ेगा प्रयागराज एयरपोर्ट का रनवे
प्रयागराज के बमरौली स्थित सिविल एयरपोर्ट को बड़े विमानों के संचालन के अनुकूल बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय वायुसेना की ओर से मौजूदा रनवे को 600 मीटर बढ़ाने का कार्य शुरू किया गया है. वर्तमान में रनवे की लंबाई 2,700 मीटर है. विस्तार पूरा होने के बाद यह 3,300 मीटर हो जाएगी. रनवे की लंबाई बढ़ने से विमानों के टेकऑफ और लैंडिंग के लिए अधिक जगह उपलब्ध होगी. इससे विशेष परिस्थितियों में भारी विमानों के संचालन की क्षमता बेहतर हो सकती है.
Boeing 777 और Airbus A350 जैसे विमान उतरने की बढ़ेगी संभावना
रनवे विस्तार की सबसे अहम बात यह है कि इससे प्रयागराज एयरपोर्ट पर बड़े आकार के विमानों के संचालन की संभावनाएं बढ़ेंगी. इनमें बोइंग-777, बोइंग-787 ड्रीमलाइनर और एयरबस A350 जैसे वाइड-बॉडी विमान शामिल हैं. इन विमानों का इस्तेमाल लंबी दूरी की उड़ानों में किया जाता है. हालांकि, केवल रनवे की लंबाई बढ़ने से किसी विमान का संचालन स्वतः शुरू नहीं हो जाता. इसके लिए रनवे की मजबूती, टैक्सी-वे, एप्रन, सुरक्षा व्यवस्था, विमान के वजन और अन्य तकनीकी मानकों का अनुकूल होना भी जरूरी है. इसलिए बड़े विमानों की लैंडिंग और उड़ान की वास्तविक सुविधा संबंधित तकनीकी मंजूरी और परिचालन व्यवस्था पर निर्भर करेगी.
2031 के कुंभ मेले को देखते हुए तैयारी
प्रयागराज में 2025 के महाकुंभ के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे. इस दौरान हवाई यात्रा की मांग भी बढ़ी थी. भविष्य में कुंभ के दौरान यात्रियों की संभावित भीड़ को देखते हुए एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. वर्ष 2031 के कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए रनवे का विस्तार महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना माना जा रहा है. बड़े विमानों के संचालन की क्षमता बढ़ने से विशेष अवसरों पर अतिरिक्त हवाई सेवाओं की योजना बनाने में मदद मिल सकती है. हालांकि, इससे कितनी अतिरिक्त उड़ानें शुरू होंगी या किन शहरों के लिए नई सेवाएं मिलेंगी, इसका आधिकारिक कार्यक्रम अभी सामने नहीं आया है.
रनवे लंबा होने से क्या फायदा होगा?
रनवे की लंबाई विमान के सुरक्षित टेकऑफ और लैंडिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. विमान का वजन, तापमान, हवा का दबाव और अन्य परिचालन परिस्थितियां भी तय करती हैं कि उसे कितनी लंबी हवाई पट्टी की जरूरत होगी.
रनवे विस्तार से प्रयागराज एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता बेहतर करने में मदद मिल सकती है. इसके संभावित फायदे हैं:
बड़े विमानों के संचालन के लिए बेहतर आधारभूत सुविधा.
कुंभ जैसे बड़े आयोजनों में हवाई यातायात संभालने की क्षमता में सुधार.
विशेष परिस्थितियों में विमानों के संचालन के अधिक विकल्प.
भविष्य में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना बनाने में सुविधा.
क्या प्रयागराज से शुरू होंगी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें?
रनवे विस्तार के बाद बड़े विमानों के संचालन की संभावनाएं बढ़ सकती हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि प्रयागराज से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें तत्काल शुरू हो जाएंगी. इसके लिए एयरलाइंस की योजना, संबंधित मंजूरियां, यात्रियों की मांग और एयरपोर्ट की दूसरी सुविधाएं भी महत्वपूर्ण होंगी. फिलहाल रनवे की लंबाई 2,700 मीटर से बढ़ाकर 3,300 मीटर करने की परियोजना प्रयागराज एयरपोर्ट के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. अब यात्रियों की नजर इस बात पर रहेगी कि काम कब पूरा होता है और इसके बाद बड़े विमानों के संचालन को लेकर क्या आधिकारिक निर्णय लिया जाता है.
यह भी पढ़ें: NDA को 245-265 सीटों का अनुमान: 403 सीटों का Matrize सर्वे सामने आते ही गरमाई सियासत, जानें पूर्वांचल से पश्चिमी यूपी तक पूरा गणित