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पटना से नेपाल जाना होगा आसान, 3590 करोड़ से बनेगी 82.5 किमी लंबी फोरलेन सड़क, इतने घंटें में पूरा होगा सफर

Patna To Nepal Four-lane Road : बिहार से नेपाल जाने वाले लोगों के लिए सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने वाली है. मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा तक मौजूदा टू-लेन सड़क को फोरलेन में बदलने की प्रक्रिया तेजी से जारी है. 82.578 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना पर 3,590.73 करोड़ रुपये खर्च होंगे. फोरलेन बनने से पटना से मुजफ्फरपुर होते हुए भारत-नेपाल सीमा तक आवागमन आसान होगा. इसके साथ ही व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
82.578 किमी सड़क पर खर्च होंगे 3,590 करोड़ रुपये
इस परियोजना को स्वीकृति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में हुई थी. सड़क को हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) के तहत विकसित किया जा रहा है. इसे 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के अनुरूप तैयार करने की योजना है. सड़क के बीच बने मेडियन में समतल खुला कट नहीं रखने का प्रावधान भी है, जिससे यातायात को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी.
सात बड़े पुल और तीन रेलवे ओवरब्रिज बनेंगे
फोरलेन परियोजना के तहत सात प्रमुख पुलों का निर्माण किया जाएगा. इनमें बारहमासी बागमती नदी पर बनने वाला 340 मीटर लंबा पुल भी शामिल है. इसके अलावा तीन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) और 1,170 मीटर तथा 270 मीटर लंबे दो बड़े फ्लाईओवर प्रस्तावित हैं. इन संरचनाओं से रेलवे क्रॉसिंग और व्यस्त इलाकों में यातायात का दबाव कम करने तथा यात्रा समय घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
सोनबरसा से नेपाल सीमा तक कनेक्टिविटी होगी मजबूत
मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोरलेन सड़क सोनबरसा स्थित भारत-नेपाल सीमा को राष्ट्रीय राजमार्ग-27 यानी ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर से जोड़ेगी. इससे मुजफ्फरपुर, मकसूदपुर, रुन्नीसैदपुर, थुम्मा, डुमरा, भूतही और सोनबरसा जैसे प्रमुख बाजारों में यातायात का दबाव कम हो सकता है. मालवाहक वाहनों की आवाजाही सुगम होने से कृषि उत्पादों और दूसरे सामान की ढुलाई भी आसान होने की उम्मीद है.
उद्योग, रोजगार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इस सड़क से पीएम गति-शक्ति के तहत आने वाले चार इंडस्ट्रियल एस्टेट और एक मेगा फूड पार्क को बेहतर सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है. इसके साथ ही बाबा गरीबनाथ मंदिर और पुनौरा धाम जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान हो सकती है. मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी रेलवे स्टेशनों के लॉजिस्टिक्स केंद्रों से बेहतर संपर्क मिलने पर व्यापार, रोजगार और पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिल सकती है.
जमीन अधिग्रहण का काम लगभग पूरा
परियोजना से जुड़ी जानकारी के अनुसार, जमीन अधिग्रहण का अधिकांश काम पूरा हो चुका है. अब निर्माण कार्य की प्रगति पर नजर रहेगी. फोरलेन सड़क तैयार होने के बाद उत्तर बिहार से नेपाल सीमा तक आने-जाने वाले लोगों और व्यापारिक वाहनों को बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है.
4 से 5 घंटे में पूरा हो सकता है सफर
मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोरलेन बनने के बाद पटना से नेपाल सीमा तक का सफर पहले के मुकाबले तेज और आसान होने की उम्मीद है. अनुमान के मुताबिक, पटना से सोनबरसा स्थित भारत-नेपाल सीमा तक कार से पहुंचने में करीब 4 से 5 घंटे लग सकते हैं, हालांकि वास्तविक समय ट्रैफिक और मार्ग की स्थिति पर निर्भर करेगा. परियोजना पूरी होने के बाद मुजफ्फरपुर से सोनबरसा तक 82.578 किलोमीटर की दूरी तय करना भी आसान होगा. इससे नेपाल जाने वाले यात्रियों के साथ व्यापारिक वाहनों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.
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